झारखंड कब और कैसे होंगे पंचायत चुनाव ?, आयुक्त और सचिव का पद है खाली

झारखंड कब और कैसे होंगे पंचायत चुनाव ?, आयुक्त और सचिव का पद है खाली

झारखंड में तीसरे पंचायत चुनाव के लिए राज्य सरकार की तैयारी ना के बराबर में है, ऐसे में पंचायत चुनाव पर संकट खड़ा का बदल मंडरा रहा है। 2015 में चुने गए जनप्रतिनिधियों का कार्यकाल इसी माह खत्म हो रहा है। राज्य निर्वाचन आयोग (State Election Commission) ने सरकार को पत्र लिखकर इस संबंध में सूचना दे दी है

दरअसल मौजूदा वक्त में राज्य निर्वाचन आयुक्त से लेकर सचिव तक के पद खाली हैं, ऐसे में पंचायत चुनाव का होना मुश्किल लग रहा है। राज्य सरकार इन पदों को भरने के लिए अब तक किसी प्रकार की कोशिश नहीं की है। राज्य निर्वाचन आयुक्त का पद करीब 6 माह से खाली है।

राज्य चुनाव आयोग ने सरकार को दी जानकारी

राज्य निर्वाचन आयोग ने पत्र लिखकर सरकार को बता दिया है कि यहां निर्वाचन आयुक्त से लेकर सचिव तक के पद खाली हैं। 2015 में हुए पंचायत चुनाव के पांच वर्ष का कार्यकाल दिसंबर में समाप्त हो रहा है। राज्य निर्वाचन आयोग में अधिकारी न होने की वजह से चुनाव कार्य भी बाधित हो रहा है।

सरकार की लेटलतीफी की वजह से राज्य में पंचायती राज चुनाव पर संकट खड़ा हो गया है। इसके साथ ही पंचायत चुनाव न होने से राज्य को भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है। राज्य को केंद्र से मिलने वाली वित्तीय सहायता से हाथ धोना पड़ सकता है, क्योंकि राज्य सरकार द्वारा 2015 में निर्वाचित हुए जनप्रतिनिधियों का कार्यकाल न तो बढ़ाया गया है और न ही चुनाव को लेकर कोई दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं।

महीनों पहले शुरू हो जाती है तैयारी

2015 के त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के अनुसार राज्य में मुखिया के 4402, जिला परिषद क्षेत्र के 545, पंचायत समिति सदस्य के 5423 और ग्राम पंचायत सदस्य के 54330 पदों के चुनाव होने हैं. इन चुनावों के लिए क्षेत्र के पुर्ननिर्धारण से लेकर मतदाता सूची तैयार करने की प्रक्रिया निर्वाचन आयुक्त के निर्देश पर कई महीनों पहले शुरू हो जाती है।

पंचायत चुनाव के बहाने झारखंड बीजेपी अध्यक्ष ने हेमंत सोरेन सरकार को घेरा

पंचायत चुनाव पर बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष दीपक प्रकाश ने 6 दिंसबर को कहा था कि केंद्र सरकार ने तीन माह पूर्व ही पंचायतों के लिये 15वें वित्त आयोग के जरिये राज्य सरकार को राशि उपलब्ध करायी है। अब राज्य सरकार पंचायत चुनाव को टाल कर अधिकारियों के जरिये इस राशि का बंदरबांट करना चाहती है। उन्होंने कहा था कि पंचायत चुनाव को लेकर भाजपा पंचायत से लेकर प्रदेश स्तर तक आंदोलन करेगी और प्रखंडों में धरना प्रदर्शन करेगी।

बता दें कि इससे पहले कोरोना के वजह से धनबाद, देवघर, चास नगर निगम सहित राज्य के 15 शहरी नगर निकायों में होने वाला नगर निकाय चुनाव भी अनिश्चितकाल समय के लिए टाल चुका है और अब गांव की सरकार के चुनाव पर टलने का बादल मंडरा रहा है।

Jharkhand LIVE Staff

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