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प्रतापपुर: PMAY के लाभुक का आरोप, मुखिया को नहीं दिया रिश्वत तो BDO ने पहली किस्त पर लगा दी रोक!

प्रधानमंत्री आवास योजना के नाम पर चतरा जिला के प्रतापपुर प्रखंड में बड़ा खेल हो रहा है। इस योजना के तहत जिन लोगों को आवास मिल रहा है। उन्हें बीडीओ, मुखिया और पंचायत सेवक द्वारा परेशान किया जा रहा है। jharkhandLIVE के पास ऐसे कुछ कागजात और लाभुक के बयान है जिसके आधार पर हम ये दावा कर रहे है।

दरअसल प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत सिजुआ पंचायत के आठ लोगों को आवास मिला है और आवास को बनाने के लिए सरकार के द्वारा उन्हें मिली किस्त के रूप में उनके खाते में 40 हजार रुपए डाले गए है, लेकिन प्रतापपुर बीडीओ के द्वारा उनके पैसे निकासी पर रोक लगा दिया गया।

jharkhandLIVE ने इस मामले पर प्रतापपुर बीडीओ विजयेन्द्र कुमार से बात की तो उन्होंने बताया कि लाभुक द्वारा पहले ईट, बालू, सीमेंट इत्यादि समान गिराऐ जाने के बाद ही पैसे का भुगतान किया जा रहा है। उनका कहना था कि पहले कई लोगों ने पैसे निकाल लिए और घर नहीं बनाए।

हमने सिजुआ के पंचायत सेवक अजय कुमार से भी बात की तो उन्होंने बताया कि सभी 8 लाभुक के पैसों के पीछे बिचौलिया लग गए है, इसलिए उनके पैसे पर रोक लगा दिया गया।

वहीं सभी 8 लाभुक का आरोप है कि रिश्वत नहीं देने की वजह से हमारे पैसे पर रोक दिया गया है। उनका कहना है कि पंचायत प्रतिनिधि और प्रशासन पैसे की मांग कर रहा है। हमने जब देने से इंकार किया तो उन्होंने पैसे पर रोक लगा दिया। उनका कहना है जब हम खुद से बनाने के काबिल होते तो सरकारी मदद की जरूरूत नहीं पड़ती।

लाभुक

हमने जानने की कोशिश की। क्या प्रखंड में जितने भी प्रधानमंत्री आवास योजना के लाभुक है उन सभी के पैसे पर रोक लगाया गया है , लेकिन हमनें पाया कि सभी के पैसे निकल रहे है, सिर्फ कुछ चुने हुए लोग है जिनके पैसे निकासी पर बीडीओ द्वारा रोक लगाया गया है।

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बीडीओ और पंचायत सेवक के अलग अलग बयान भी इनकी मंशा को दर्शा रहा है। साथ ही कई सवाल उठा रहे है। जिसका जवाब बीडीओ महोदय को देना चाहिए।

  1. प्रखंड के कुछ चुने हुए लाभुक के पैसे पर ही रोक क्यों लगाया गया?
  2. लाभुक के पहली किस्त पर ही आपने रोक लगा दिया तो वह सामान कैसे खरीदेगा?
  3. पंचायत सेवक और आपका बयान अलग अलग क्यों है?, जब पंचायत सेवक की रिपोर्ट के आधार पर ही आप पंचायत के काम करते है।  
  4. जिन लोगों ने पैसे लेकर आवास नहीं बनाए, उनपर क्या कार्रवाई हुई?

वहीं हमारे सहयोगी ने बताया कि jharkhandLIVE को मामले की जानकारी मिलने के बाद लाभुक के पहली किस्त निकालने पर लगी रोक को हटा दिया गया है।

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Jharkhand LIVE Staff

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