CM हेमंत का अधिकारियों को निर्देश 21 नहीं दो महीने की करें तैयारी !

CM हेमंत का अधिकारियों को निर्देश 21 नहीं दो महीने की करें तैयारी !

झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन लॉकडाउन के तीसरे दिन कोरोना वार रूम पहुँचे। जहां उन्होंने राज्य के मौजूदा हालात का जायज़ा लिया है। इस दौरान उन्होंने राज्य में कोरोना वायरस के निरोध के लिए उठाए गए कदमों की समीक्षा भी की। साथ ही उन्होंने प्रदेश के तमाम उच्चाधिकरियों के साथ एक बैठक भी की जिसमें मुख्य सचिव डॉ डीके तिवारी के अलावा कई अन्य आला अधिकारी भी शामिल थे।

बैठक के दौरान सीएम हेमंत सोरेन ने अधिकारियों को 21 दिन की बजाय 2 महीने के बैकअप लेकर कार्य करने के लिए कहा है। उन्होंने इस बाबत राज्य के सभी अधिकारियों को कार्य सौंपने की ताकीद भी की। कोरोना वायरस के जाँच से संबंधित रपट भी मुख्यमंत्री सोरेन को पेश की गई। साझा किए गए आँकड़ों के अनुसार राज्य में अबतक कुल 93 लोगों की जांच की गई है। जिनमें सभी के टेस्ट नेगेटिव पाए गए है।

सरकारी आइसोलेशन वार्ड में रखे जाएँगे लोग

सरकार की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति में बताया गया है कि ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में छोटे घर होने की वजह से परिवार के सदस्यों या संपर्क में आने वाले व्यक्ति में संक्रमण फैलने का खतरा हो सकता है। जिसकी वजह से होम क्वारंटाइन में रह रहे लोगों को सरकारी क्वारंटाइन केंद्रों पर शिफ्ट किया जाएगा।

चाक चौबंद स्वास्थ सुविधाओं पर जोर
सरकार ने राज्य में होने वाली प्रत्येक मृत्यु की जानकारी इकट्ठा करने के निर्देश दिए है, जिसमें मौत के कारणों की जानकारी जुटाना भी शामिल है। वहीं थर्मल गन, जांच मशीन, मास्क, टेस्ट किट, पीसीआर मशीन, पीपीए ड्रेस, ग्लोब्स जैसे जरूरी चीजों की पर्याप्त उपलब्धता को सुनिश्चित करने के लिए भी कहा है।

प्रदेश में दाखिल बाहरी लोगों की होगी जाँच
दूसरे राज्यों से झारखंड में प्रवेश करने वाले लोगों की गहन जाँच कर उन्हें निगरानी में रखा जाएगा। उनके क्वारंटाइन को विशेष प्राथमिकता दी जाएगी। साथ ही राज्य के बाहर फंसे झारखंडवासियों की यथा संभव मदद भी की जाएगी। इसके लिए खासतौर से विभिन्न राज्यों के कंट्रोल रूम का नंबर फंसे हुए लोगों को मुहैया कराया जाएगा। सरकार इस नंबर का देशभर में प्रसार करेगी, ताकि जरूरतमंदो को मदद पहुँचाया जा सके।

खाने की होगी पूरी व्यवस्था
खाद्य पदार्थ की आपूर्ति के लिए प्रदेश सरकार देश के अन्य राज्यों के फूड सप्लाई डिपार्टमेंट से भी संपर्क स्थापित करेगी। फंसे हुए लोगों को खाद्यान्न उपलब्ध कराने के लिए स्वंय सेवी संस्थाओं की भी मदद लेने का भी फैसला किय गया है। इस काम में छोटे कार्गो विमानों का भी उपयोग किया जाएगा।

अधिकारियों पर हो पूरा दायित्व
मुख्यमंत्री ने कहा कि लॉकडाउन के कारण विभागों में काम स्थगित हो चुका है। इसे बहाल करने के लिए सभी अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंप उनसे रिपोर्ट मंगवाई जाए। बाहर फंसे लोगों को मदद पहुँचाने के लिए नोडल अफसर की नियुक्ती पर भी विचार किया जाएगा।

Jharkhand LIVE Staff

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