धनबाद पुलिस ने 3007 लोगों के खिलाफ दर्ज किया था राजद्रोह का केस, CM के निर्देश के बाद हटाया।

धनबाद में CAA और NRC के विरोध में निकाले गए जुलूस में शामिल लोगों के खिलाफ दर्ज राजद्रोह (धारा 124 ए) का केस को प्रशासन ने हटाने का निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने ट्वीट कर इस बात की जानकारी दी और कहा कि कानून जनता को डराने एवं उनकी आवाज़ दबाने के लिए नहीं है।

दरअसल 7 जनवरी, 2019 को धनबाद के वासेपुर से हजारों लोगों ने प्रशासन के बगैर अनुमति के CCA और NRC के विरोध में जुलूस निकाला था। ये जुलूस वासेपुर से निकलकर धनबाद शहर तक गया था। इस दौरान केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई थी। इसके बाद एसडीओ राज महेश्वरम के निर्देश पर जुलूस में शामिल सात नामजद समेत करीब तीन हजार लोगों पर धनबाद थाना में राष्ट्रद्रोह के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था।

प्रशासन द्वारा एक साथ 3007 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराना का मामला सामने आने के बाद राजनीति तेज हो गई और मामला मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन तक पहुंच गया। इसके बाद धनबाद प्रशासन बैकफुट पर आ गया। एसएसपी किशोर कौशल ने सिटी एसपी को मुकदमे का सुपरविजन करने का आदेश दिया। सिटी एसपी ने सुपरविजन में पाया गया कि जुलूस में ऐसा कुछ नहीं किया गया जिसे राजद्रोह के दायरे में माना जाए।

इसके बाद धनबाद पुलिस ने राजद्रोह का केस वापस लेने का फैसला लिया। साथ ही धनबाद थाना के दारोगा संतोष कुमार को शोकॉज नोटिस जारी किया गया है। सिटी एसपी द्वारा जारी किए गए शोकॉज नोटिस में कहा गया कि इस मसले पर मुकदमा के लिए जो आवेदन दिया गया है, उसके अवलोकन से राजद्रोह (धारा 124 ए) लगाने का औचित्य प्रतीत नहीं होता है। ऐसा लगता है कि आवेदन का गहराई से जांच किए बगैर केस दर्ज कर दिया गया। इसलिए यह घोर लापरवाही, मनमानी और अयोग्यता का परिचायक है। सिटी एसपी ने दारोगा से तीन दिनों में स्पष्टीकरण देने को कहा है और नहीं तो अनुशासनात्मक कार्रवाई करने की बात कही है।

इस मामले पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने ट्वीट कर कहा “ क़ानून जनता को डराने एवं उनकी आवाज़ दबाने के लिए नहीं बल्कि आम जन-मानस में सुरक्षा का भाव उत्पन्न करने को होता है। मेरे नेतृत्व में चल रही सरकार में क़ानून जनता की आवाज़ को बुलंद करने का कार्य करेगी। धनबाद में 3000 लोगों पर लगाए गए राजद्रोह की धारा को अविलंब निरस्त करने के साथ साथ दोषी अधिकारी के ख़िलाफ़ समुचित करवाई की अनुशंसा कर दी गयी है। साथ ही मैं झारखंड के सभी भाइयों/बहनों से अपील करना चाहूँगा की राज्य आपका है, यहाँ के क़ानून व्यस्था का सम्मान करना हमारा कर्तव्य है”

बता दें कि देश भर में CAA और NRC के खिलाफ विरोध और समर्थन में जुलूस निकाले जा रहे है। बुधवार को राजधानी रांची में भी इस कानून के विरोध में जुलूस निकाला गया था। साथ ही कई जगहों पर इसके समर्थन में भी जुलूस निकाला गया था।

Jharkhand LIVE Staff

jharkhandlive.in डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में एक उभरती वेबसाइट है जो झारखंड और बिहार की हर राजनैतिक, आर्थिक, सामाजिक और खेल से जुड़ी ख़बरों को आप तक पहूंचाता है। jharkhandlive.in की कलम हर शोषित और वंचित वर्ग के लिए हमेशा अवजा उठाती रहेगी, इसलिए ख़बर आपकी, कलम हमारी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You cannot copy content of this page