झारखंड : पुलिस ने नक्सली समझ ग्रामीण को मारी गोली, मौत

झारखंड : पुलिस ने नक्सली समझ ग्रामीण को मारी गोली, मौत

खूँटी जिले में पुलिस के गश्ती दल ने एक ग्रामीण युवक को नक्सली समझकर उसपर गोली चली दी। युवक भैंस की खाल लेकर नगाड़ा बनाने के लिए जा रहा था। रास्ते में पुलिस की टीम ने उसे रोकने का इशारा किया तो वह पुलिस को देख घबराकर भागने लगा। उसके ना रूकने पर पुलिस ने बिना किसी चेतावनी के उसपर गोली चला दी। निहत्थे युवक पर गोली चलाने के बाद पुलिस को एहसास हुआ कि उसने बेगुनाह युवक को अपनी गोली का शिकार बना दिया है। जिसके बाद उसे आनन फानन में अस्पताल में भर्ती कराया गया। लेकिन तबतक वह मासूम युवक दम तोड़ चुका था।

जब पूरा वाक्या मीडिया के सामने आया तो पुलिस अपने कृत्य पर परदा डालने में जुट गई। पुलिस ने कहा कि वह मुरहू थाना क्षेत्र के अंतर्गत कुम्हारडीह में सीआरपीएफ टीम के साथ गश्त कर रही थी। तभी मोटरबाइक सवार युवक को उसने रोकने की कोशिश तो वह भागने लगा जिससे उन्हें उसके नक्सली होने का शक हुआ और उन्होंने युवक पर गोली चला दी। रोशन को तुरंत ही पास के अस्पताल में भर्ती कराया गया लेकिन तबतक उसकी साँसे थम चुकी थी। इसके बाद मजिस्ट्रेट की उपस्थिति में तीन डॉक्टरों की टीम ने पोस्टमार्टम किया जिसकी वीडियोग्राफी भी कराई गई।

परिवार में छाया मातम

पुलिस गोलीबारी में मारे गए रोशन होरो की मां जोसफिना होरो और पत्नी रानीमय होरो ने कहा कि मृतक रोशन होरो (36) शुक्रवार की सुबह भैंस का खाल लेकर नगाड़ा बनाने के लिए साड़ीगाँव के लिए निकला था। मुरहू के कुम्हाडीह गाँव के पास पहुँचा तो पुलिस को देखकर वह घबरा गया और उसने अपनी मोटरसाइकिल को तेज़ी से आगे बढ़ा दिया। इसी दौरान पुलिस की गोली लगने से उसकी मौत हो गयी। उन्होंने बताया कि दोपहर में मुरहू पुलिस स्टेशन पहुँचने पर उन्हें बेटे को गोली लगने की खबर मिली। उनका कहना था कि पुलिस ने उनके बेटे पर गोली क्यों चलाई इसकी उन्हें कोई जानकारी नहीं है। उन्होंने कहा कि रोशन काफी भोला व्यक्ति था और खेती कर अपने परिवार का पेट पालता था। वह किसी भी किस्म की गैरकानूनी गतिविधि में शामिल नहीं था।

एक दिन पहले ही उग्रवादियों से हुआ था मुठभेड़  

इस पूरे घटनाक्रम से इतर बताया यह भी जा रहा है कि पुलिस टीम पिछले कई दिनों से सीआरपीएफ के साथ मिलकर इलाके में सर्च ऑपरेशन चला रही थी। घटना से एक दिन पहले याने गुरुवार की रात भी जिला पुलिस और सीआरपीएफ की संयुक्त टीम की तपकारा के जिलिंगबुरु जंगल में पीएलएफआई उग्रवादियों से मुठभेड़ हुई थी। शुक्रवार सुबह भी एएसपी अनुराग राज के नेतृत्व में जिला पुलिस और सीआरपीएफ की संयुक्त टीम मुरहू थाना क्षेत्र के कुम्हारडीह की ओर से छापेमारी अभियान चला रही थी। तभी बाइक सवार युवक पुलिस को देखकर भागने लगा और गलतफहमी के कारण बेगुनाह युवक को गोली मार दी गई।

घटना से लोगों में रोष

मुरहू में इस घटना से ग्रामीणों में पुलिस को लेकर खासा रोष है। हालांकि गाँव में कोई भी खुलकर कुछ भी कहने को तैयार नहीं है, किंतु इलाके में तनाव को महसूस किया जा सकता है। सूचना यह भी है कि जल्द ही गाँव वाले इस मुद्दे को लेकर पंचायत बुला कर अपना विरोध दर्ज करा सकते हैं। इसके मद्देनजर पुलिस ने ऐहतियातन मरहू थाना परिसर को छावनी में तब्दील कर दिया। पुलिस को आशंका थी कि घटना के बाद ग्रामीण मुरहू थाना कूच कर सकते हैं।

दोषियों पर कड़ी कार्रवाही का आश्वासन

शुरू में तो पुलिस इस पूरे वाक्ये पर अपनी लापरवाही को मानने से इंकार करती रही। लेकिन अंततः उसने अपनी गलती स्वीकार की और कार्रवाही का भरोसा दिया। पुलिस ने यह भी माना कि रोशन छाल लेकर नगाड़ा बनवाने के लिए ही जा रहा था। वहीं एक अखबार को दिए अपने बयान में सूबे के डीजीपी एमवी राव ने कहा कि पुलिस ने गलतफहमी में गोली चलाई है। किसी की हत्या का इरादा नहीं था। उन्हेंने कहा कि दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ केस दर्ज करने का निर्देश दे दिया गया है और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने आगे कहा कि पुलिस पूरे मामले में किसी तरह की लीपापोती नहीं कर रही है। पूरे मामले की जांच भी कराई जाएगी। सरकार के नियमानुसार पीड़ित के परिवार की हर संभव सहायता की जाएगी।

Jharkhand LIVE Staff

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