कोडरमा: अनाथ बच्चों का अभिभावक बनकर DC ने कराया आवासीय विद्यालयों में नामांकन, कई सरकारी योजनाओं का दिलवाया लाभ

कोडरमा: अनाथ बच्चों का अभिभावक बनकर DC ने कराया आवासीय विद्यालयों में नामांकन, कई सरकारी योजनाओं का दिलवाया लाभ

कोडरमा डीसी रमेश घोलप के पहल से अनाथ बच्चों को फिर नई जिंदगी मिल गई है। डीसी रमेश घोलप ने माता पिता के साया खो चुके बच्चों का अभिभावक बनकर उनका आवासीय विद्यालयों में सोमवार को नामांकन कराया। इस संबंध में डीसी ने अपने फेसबुक पर एक पोस्ट लिखा है।

आप भी पढ़े डीसी रमेश घोलप की ये पोस्ट।

“माता-पिता की मृत्यु के बाद अनाथ बने रोहित मुर्मू एवं दुर्घटना में पिता का साया खोयी ममता कुमारी का अभिभावक बन आवासीय विद्यालयों में आज नामांकन कर उन्हे विभिन्न योजनाओं से जोड़ा। कुछ सप्ताह पहले खदान दुर्घटना में पिता की मृत्यु होने के कारण अनाथ बने फुलवरिया स्थित रोहित मुर्मू नामक बच्चे का अभिभावक के रूप में मेरा नाम दर्ज कर समर्थ आवासीय विद्यालय में नामांकन करवाया। रोहित की मां का देहांत भी कुछ साल पूर्व हुआ था। उसके परिवार के अन्य सदस्यों को रोहित को पढ़ने के लिए प्रोत्साहित करने का अनुरोध किया।

साथ ही ममता कुमारी नामक एक बच्ची, जिसके पिता का देहांत उक्त खदान दुर्घटना में हुआ था उसका अभिभावक बन कस्तूरबा आवासीय विद्यालय में नामांकन करवाया। दोनों को स्कूल यूनीफॉर्म और शिक्षा सामग्री सुपुर्द किया। कक्षा बारहवीं तक उन्हें आवासीय विद्यालय में गुणवत्तापूर्ण मुफ्त शिक्षा, आवासन एवं खाने पीने की व्यवस्था होगी।इ सके अतिरिक्त दोनों को 18 साल की उम्र तक समेकित बाल संरक्षण योजना के तहत प्रतिमाह दो हजार रुपये की सहायता राशि मिलने की व्यवस्था कर स्वीकृति पत्र सौंपा।

चारों परिवारों को #पारिवारिक_लाभ के अंतर्गत प्रति परिवार बीस हज़ार रुपये राशि के चेक सुपुर्द किये। उक्त चारों परिवार के जिन व्यक्तियों का नाम राशन_कार्ड में नहीं है उन्हें राशन कार्ड से जोड़कर आयुष्मान भारत योजना के तहत गोल्डन कार्ड देने का निर्देश दिया, जिसके माध्यम से वह हर साल पांच लाख तक की राशि तक का इलाज सूचीबद्ध अस्पतालों में मुफ़्त में कर सकेंगे।

इसके साथ ही प्रति परिवार 50 kg अनाज भी उपलब्ध कराया गया। तीन महिलाओं को विधवा/ वृद्धा पेंशन स्वीकृत कर उसका स्वीकृति पत्र सौंपा। श्रम अधीक्षक को पूरनानगर में आज कैंप लगाकार श्रमिकों का निबंधन कर उन्हें श्रम विभाग की योजनाओं से जोड़ने के निर्देश दिये। इसके पूर्व भी विगत एक साल में कोडरमा में 4 अनाथ बेटियां एवं एक बेटे को आवासीय स्कूलों में दाखिल कर विभिन्न योजनाओं से जोड़ा है।

मेरी संवेदना उन सभी परिवारों के साथ है। एक अनाथ बेटे और पिता का साया खोयी एक बेटी को आवासीय स्कूल में नामांकन कर पीड़ितों को विभिन्न योजनाओं के लाभ से जोड़ने का काम किया है। इन विपरित हालातों को प्रेरणा बनाकर अपने सपनों को पूरा करने के लिए लगन से पढ़ाई करने का संदेश दो बच्चों को दिया है।”

– रमेश घोलप (उपायुक्त, कोडरमा)

Jharkhand LIVE Staff

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