झारखंड के नौसैनिक बेटे को चेन्नई में अगवा कर बदमाशों ने जिंदा जलाया, इलाज के दौरान मुंबई में मौत

झारखंड के नौसैनिक बेटे को चेन्नई में अगवा कर बदमाशों ने जिंदा जलाया, इलाज के दौरान मुंबई में मौत

झारखंड के पलामू जिले के रहने वाले नौसेना के जवान (Navy Jawan) सूरज दुबे का चेन्नई में अपहरण (Kidnapping) कर जिंदा जलाने का मामला सामने आया है। पुलिस ने अब तक इस मामले में किसी भी आरोपी को गिरफ्तारी नहीं किया है। मृतक सूरज दुबे की तैनाती कोयंबटूर के पास आइएनएस अग्रणी पर थी।

बताया जा रहा है कि सूरज छुट्टी मनाकर ड्यूटी वापस जा रहे थे। 30 जनवरी को वह रांची से हैदराबाद की फ्लाइट ली थी और फिर वहां से चेन्नई पहुंचे थे। इसके बाद वह जब एयरपोर्ट  से बाहर निकले तो इसी दौरान बदमाशों ने रिवाल्वर की नोक पर उन्हें अगवा कर लिया और तीन दिनों तक चेन्नई के एक अज्ञात स्थान पर बंधक बनाकर रखा।

यही नहीं बदमाशों ने नौसेना जवान को छोड़ने के लिए 10 लाख की फिरौती मांगी, लेकिन जब उन्हें पैसे नहीं मिला, तो अपहरणकर्ताओं ने सूरज को चेन्नई से 1400 किलोमीटर दूर पालघर लेकर आ गए। यहां उन्होंने सूरज के डहाणू तलासरी के वेवजी इलाके में स्थित जंगल में गए और उसके हाथ-पैर बांध दिया। इसके बाद पेट्रोल डालकर उसके शरीर में आग लगा दिया।

अपहरणकर्ता जब सूरज को जला रहे थे, तब एक स्थानीय व्यक्ति ने पूरी घटना को देख लिया और उसी शोर मचाने लगा। इसके बाद अपहरणकर्ता सूरज को जलता हुआ छोड़ कर भाग गए। उसी व्यक्ति ने घटना की जानकारी पुलिस को दी। पुलिस ने सूरज को उप जिला अस्पताल में भर्ती करवाया, जहां होश आने पर उन्होंने खुद के अपहरण के बारे में बताया था। हालत बिगड़ने के बाद डॉक्टरों ने उन्हें मुंबई रेफर कर दिया था, जहां इलाज के दौरान उन्होंने शनिवार को दम तोड़ दिया। पालघर पुलिस ने अज्ञात बदमाशों के खिलाफ अपहरण और हत्या का मामला दर्ज कर लिया है।

परिजनों ने दर्ज कराया था केस

परिजनों के मुताबिक सूरज 30 जनवरी को वापस ड्यूटी पर कोयम्बटूर जाने के लिए घर से निकले थे। उन्होने शाम 4:15 बजे रांची से हैदराबाद की फ्लाइट ली। वहां से उन्हें विमान से चेन्नई जाना था। हैदराबाद पहुंचने पर शाम पोने सात बजे घरवालों से उनकी आखिरी बार बातचीत की। इसके बाद उनका मोबाइल स्विच ऑफ हो गया। अगले दिन भी सूरज का संपर्क नहीं हुआ तो सूरज के पिता ने चैनपुर थाने में एफआईआर दर्ज कराई।

इसी बीच पांच फरवरी को परिजनों को सूचना मिली कि सूरज को घायलावस्था में मुंबई के एक नाला से बरामद किया गया है। सूचना मिलने पर पिता मिथिलेश दुबे मुंबई के लिए रवाना हो गये। मामले में सांसद वीडी राम ने भी रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह को इसे खोज निकालने के लिए पत्र लिखा था़।

2001 में हुए थे नौसेने में भर्ती

सूरज के पिता मिथिलेश दूबे पेशे से किसान हैं। तीन भाई-बहनों में सूरज सबसे छोटा थे। वह 2001 में सिबिंग सीमैन के रूप में भारतीय नौसेना में शामिल हुए थे। वह मूल रूप से पलामू के चैनपुर थाना क्षेत्र के पूर्वडीहा गांव के रहने वाले थे।

घटना दुर्भाग्यपूर्ण, गृहमंत्री इसकी उच्चस्तरीय जांच कराएं- संजय सेठ

रांची सांसद संजय सेठ ने कहा-घटना बेहद ही दुर्भाग्यपूर्ण है। दाेनाें ही राज्य सरकाराें के लिए यह चुनाैती है। नाैसैनिक का अपहरण कर हत्या करना महाराष्ट्र सरकार की कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़ा करता है। गृहमंत्री अमित शाह से आग्रह है कि इसकी उच्चस्तरीय जांच कराएं, जिससे दाेषियाें काे कड़ी सजा मिल सके।

Jharkhand LIVE Staff

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You cannot copy content of this page