कोरोना वायरस : असंठगित कामगारों की कमर टूटी

कोरोना वायरस : असंठगित कामगारों की कमर टूटी

कोरोना वायरस [COVID – 19] ने देश – दुनिया की अर्थव्यवस्था पर गंभीर असर डालना शुरू कर दिया है। भारत में सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में लोगों के बाहर निकलने पर रोक लगा दी गई है। अतिआवश्यक परिस्थितियों में ही लोगों को एक जगह से दूसरी जगह जाने की इज़ाजत दी जा रही है। लॉकडाउन से लोगों के रोजगार और कार्यप्रणाली पर व्यापक असर पड़ा है। मुंबई, दिल्ली, हैदराबाद जैसे महानगरों में भी सबकुछ ठप्प है।

घर से काम करेंगे कर्मचारी
संगठित क्षेत्र के कर्मचारियों को या तो छुट्टि दे दी गई है या फिर घरों से ही काम करने के लिए कहा गया है। सरकारी दफ्तरों में कर्मचारियों की संख्या घटा दी गई है और मात्र 10 से 25 प्रतिशत की क्षमता पर कार्य हो रहा है। लेकिन इन सबके बीच कोरोना का यदि सबसे बुरा प्रभाव कहीं पर पड़ा है तो वह असंगठित क्षेत्र है। रोजमर्रा काम करके कमाने वाले मजदूरों और ऑटो – टैक्सी ड्राइवरों एवं फूटकर दुकानदारों पर यह विश्वव्यापी महामारी काफी भारी पड़ रहा है। पिछले एक हफ्ते से फैली अफरा तफरी के कारण इन मजदूरों को संकट से जूझना पड़ा रहा है।

मीडिया में इनकी व्यथा दिखाए जाने के बाद विभिन्न राज्य सरकारों ने इनके लिए एक – एक कर राहत राशि की घोषणा तो की है। लेकिन अब भी अनेक राज्य ऐसे हैं जो इस समस्या को नजरअंदाज कर रहे हैं। केंद्र सरकार की ओर से एक फाइनेंशियल टास्क फोर्स बनाने की बात जरूर की गई है। आज भारत की वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने प्रेस वार्ता कर कई बड़े फैसलों से अवगत कराया। साथ ही पीएम मोदी ने 15 हजार करोड़ रूपए की राहत पैकेज की घोषणा भी की है।

राज्य सरकारों द्वारा लिए गए फैसले
केरल की वाम सरकार ने कोरोना वायरस से छाएँ आर्थिक संकट को देखते हुए 20 हजार करोड़ रूपए की प्रोत्साहन राशि का ऐलान किया। दिल्ली सरकार ने भी राज्य के सभी मजदूरों को मुफ्त राशन व पाँच हजार रूपए देने का ऐलान किया है। इसी के साथ लोगों को दिए जाने वाले पेंशन को दोगुना किया जाएगा। इन दोनों राज्य सरकारों की तत्परता के बाद कई अन्य राज्य की सरकारों ने भी महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं।

उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने श्रम विभाग में पंजिकृत 20.37 लाख निर्माण क्षेत्र के मजदूरों एवं ठेले वालों, फूटकर दुकानदारों और ऑटों चालकों को फौरी राहत के तौर पर एक हजार रूपए देने का फैसला किया है। साथ ही 1.65 करोड़ अंत्योदया परिवारों, मनरेगा कार्ड धारकों को राज्य सरकार 80 हजार विक्री केंद्रों के जरिए एक महीने का राशन (20 किलो आटा व 15 किलो चावल) भी देगी। इसी प्रकार लॉकडाउन के मद्देनजर उत्तराखंड सरकार और पंजाब सरकार ने क्रमशः 1 हजार व 3 हजार रूपए देने का निर्णय लिया है। उत्तराखंड में तकरीबन 3 लाख रेजिस्टर्ड मजदूर है, जिन्हें इसका लाभ मिलेगा।

झारखंड – बिहार के लोगों को भी मिलेगी सरकारी मदद
झारखंड के मुख्यमंत्री हेमेंत सोरेन ने आज प्रेस से बातचीत में कहा कि राज्य के मजदूरों और ठेले रिक्शेवालों की सरकार आर्थिक मदद करेगी। राज्य में किसी भी व्यक्ति को खाने की कमी से जूझना नहीं पडेगा। वहीं बिहार सरकार ने भी मजदूरों को अनुदान देने की बात कही हैं और साथ सरकार ने बताया कि पेंशनधारियों को तीन महीने की पेंशन एडवांस में दे दी जाएगी। पहली से बारहवीं कक्षा के छात्रों को छात्रवृत्ति भी प्रदान की जाएगी। राशन कार्ड होल्डर को 1 महीने का राशन मुफ्त दिया जाएगा।

Jharkhand LIVE Staff

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