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रघुवर सरकार के पांच साल में 19 से ज्यादा मौत भूख से हुई, सरकार ने एक भी मौत नहीं माना।

झारखंड की रघुवर सरकार के पांच साल के कार्यकाल में 19 से ज्यादा लोगों की मौत भूख के कारण हुई है। हालांकि सरकार ने एक भी मौत को भूख से हुई मौत नहीं माना है।

रघुवर सरकार में भूख से मौत का पहला मामला साल 2016 में हजारीबाग जिले के कटकमसांडी प्रखंड से आया। जहां 40 वर्षीय इंद्रदेव माली की मौत खाना ना मिलने की वजह से हुई थी। इसके बाद ये सिलसिला लगातार बढ़ता गया। भूख से मौत के कई मामले सामने आने लगे। भूख से मौत का आखिरी मामला लातेहार जिले के आया।

झारखंड में भूख से मौत का मामला तब सबसे ज्यादा सुर्खियों में आया जब सिमडेगा जिले के जलडेगा प्रखंड की रहने वाली 11 साल की संतोषी की मौत भूख के वजह हो गई।  विपक्ष ने इस मामले को संसद में भी उठाया।

आप के राज्यसभा सांसद सजय सिंह

न्यूज वेबसाइट theprint.in ने इससे मामले को लेकर ग्रामीण विकास मंत्री नीलकंठ सिंह मुंडा से बात की तो उन्होंने भूख से मौत के सभी मामलों को खारिज कर दिया। उन्होंने कहा सभी के मौत का कारण अलग अलग रहा है।

Jharkhand LIVE Staff

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