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जन्मदिन विशेष: डॉ.अब्‍दुल कलाम, जिनकी बदौलत भारत परमाणु शक्ति संपन्न देशों की सूची में शामिल हुआ

मिसाइलमैन के नाम से दुनियाभर में मशहूर पूर्व राष्ट्रपति डॉ.एपीजे अब्दुल कलाम का आज 88 वां जन्मदिन मनाया जा रहा है। एपीजे अब्दुल कलाम का जन्म एक गरीब परिवार में 15 अक्टूबर 1931 को तमिलनाडु के रामेश्वरम के धनुषकोडी गांव में हुआ था। अब्दुल कलाम के पांच भाई और पांच बहनें थी। कलाम के पिता नाव बनाकर मछुआरों को नाव किराए पर दिया करते थे। उनके परिवार की आर्थिक हालत अच्छी नहीं थी। जिसके कारण अब्दुल कलाम अपनी पढ़ाई का खर्च निकालने के लिए सुबह अखबार बेचा करते थे।

पूर्व राष्ट्रपति डॉ.एपीजे अब्दुल कलाम एक ऐसे शख्सियत थे। जिन्हें आम जनता के हर वर्ग के बीच समान रूप से प्यार मिला। उन्होंने अपनी पूरी जिंदगी सादगी के साथ गुजारी और रामेश्वरम की तंगहाल गलियों से रायसीना हिल्स तक का सफर तय किया। जो आज भी कई लोगों को रोमांच और आत्मविश्वास से भर देता है।

 परमाणु परीक्षण करके भारत को विश्व शक्ति के पटल पर ला खड़ा किया

साल 1995 में जब परमाणु बम का परीक्षण करने की कोशिश नाकाम हो गई थी और अमेरिकी सैटेलाइट व खुफिया एजेंसी सीआईए भारत पर पैनी नजर बनाए हुई थी, लेकिन इसके बावजूद पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी और एपीजे अब्दुल कलाम के जनून ने साल 1998 में सफल परमाणु परीक्षण करके भारत को विश्व शक्ति के पटल पर ला खड़ा कर दिया ।

परमाणु परीक्षण के दौरान सेना की वर्दी में कलाम
परमाणु परीक्षण के दौरान सेना की वर्दी में कलाम

साल 1997 में मिला भारत रत्न

भारत में अब्दुल कलाम उन चुनिंदा लोगों में से एक हैं जिन्हें सभी सर्वोच्च पुरस्कार मिले। उन्हें 1981 में पद्म भूषण, 1990 में पद्म विभूषण, 1997 में भारत रत्न से सम्मानित किया गया था। अब्दुल कलाम को 48 यूनिवर्सिटी और इंस्टीट्यूशन से डाक्टरेट की उपाधि मिली है।

शिक्षक कहलाना ही पसंद करते थे अब्दुल कलाम

पूर्व राष्ट्रपति डॉ. अब्दुल कलाम  भी खुद को वैज्ञानिक से ज्यादा शिक्षक कहलाना ही पसंद करते थे। कलाम अक्सर भारत की यूनिवर्सिटीज में जाकर छात्रों से बात करते थे और खुद को भी एक लर्नर ही बताते थे। कलाम का दुनिया से अलविदा भी छात्रों के बीच ही हुआ। 27 जुलाई 2015 को आईआईटी गुवाहटी में संबोधित करते समय उन्हें कार्डियक अरेस्ट हुआ और देश के महान राष्ट्र निर्माता सदा-सदा के लिए इस दुनिया से चले गए, लेकिन देश आज भी उनकी दी गई शिक्षा और आविष्कारों पर गर्व करता है।

चलो हम अपना आज कुर्बान करते हैं जिससे हमारे बच्चों को बेहतर कल मिले’. डॉ अब्दुल कलाम

Jharkhand LIVE Staff

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