चतरा की पूजा ने पति का साथ छोड़, सपना के साथ रहने का किया फैसला, जानिए पूरा मामला

चतरा की पूजा ने पति का साथ छोड़, सपना के साथ रहने का किया फैसला, जानिए पूरा मामला

बिहार के बेगूसराय में शादी के 15 दिन बाद ही एक नयी नवेली दुल्हन ने पति के साथ रहने से इंकार दिया और मामला थाना पहुंच गया। इसके बाद जब पति के साथ ना रहने की वजहों का खुलासा हुआ तो सभी चौंक गए।

दरअसल नयी नवेली दुल्हन पूजा कुमारी पति के बजाए दोस्त सपना वर्मा से प्यार करती है और वह उसके साथ ही जिंदगी गुजर बसर करना चाहती है। जानकारी के मुताबिक चतरा की रहने वाली पूजा कुमारी और रांची की रहने वाली सपना वर्मा राजधानी में ही एक मॉल में काम करती है। यहीं दोनों के बीच प्यार हो गया और फिर दोनों एक साथ रहने लगी, लेकिन इसी बीच परिजनों ने पूजा पर दबाव बनाकर उसकी शादी बेगूसराय के पटेल चौक में रहने वाले अंकित कुमार से कर दी। यह शादी बीते 14 जून को हुई थी।

शादी के बाद भी दोनों सहेलियों के बीच होती थी बात

शादी के बाद पूजा अपने पति अंकित के साथ बेगूसराय आ गई, लेकिन उसने  सपना वर्मा के साथ फोन पर बातचीत जारी रखा। जिसपर पति ने आपत्ति जताई। जिसके बाद पूजा ने पति के साथ रहने से साफ इंकार कर दिया। इसके बाद उसके घर पर हंगामा खड़ा हो गया।

इधर पूजा ने फोन कर सपना को भी बेगूसराय बुला लिया। वहीं पति अंकित ने पूरे मामले की जानकारी थाने को दी। इसके बाद पुलिस अंकित के घर पहुंची और दोनों को थाने ले आई। जहां दोनों लड़कियां साथ रहने की जिद पर अड़ गई।

पुलिस ने साथ रहने की दी इजाज़त

जिसके बाद रिश्तों की नजाकत और कानूनी पहलुओं पर गौर करते हुए नगर थानाध्यक्ष ने समलैंगिक जोड़ी को साथ रहने की इजाजत दे दी। थानाध्यक्ष अमरेंद्र कुमार झा ने बताया कि समलैंगिक शादी अपराध नहीं है। दोनों पूर्व में शादी कर चुकी है और वे साथ ही रहना चाहती हैं। इसलिए हमने संबंधित पक्षों से बंधपत्र भरवाया उन्हें छोड़ दिया।

सपना वर्मा को लड़का मानती थी पूजा

पूजा कुमारी के अनुसार, वह सपना वर्मा को लड़की नहीं, लड़का मानती है। यही नहीं, वह सपना को पति मान कर दो वर्षों से उसके साथ रह रही थी। समलैंगिक होने की जानकारी परिजनों को भी है, लेकिन बावजूद इसके उन्होंने दबाव डाल कर शादी कर दी।

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भारत में समलैंगिक संबंध का क्या है कानूनी पहलू

बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने साल 2018 में धारा 377 के उस हिस्से को निरस्त कर दिया जिसके तहत सहमति से परस्पर अप्राकृतिक यौन संबंध अपराध माना जाता था। कोर्ट के फैसले के बाद भारत में दो वयस्क लोगों के बीच सहमति से बनाए गए समलैंगिक संबंध अब अपराध नहीं माना जाता है।

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Jharkhand LIVE Staff

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