14वीं झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा में कथित अनियमितताओं की जांच तेज हो गई है। अपराध अनुसंधान विभाग (CID) ने मामले में पूर्व JPSC चेयरमैन एल. ख्यांग्ते से तीसरे दौर की पूछताछ की है। एजेंसी परीक्षा प्रक्रिया, टेंडर आवंटन और अन्य पहलुओं की गहन जांच कर रही है।
तीसरे दिन भी हुई पूछताछ
CID ने 31 जुलाई को एल. ख्यांग्ते को आवश्यक दस्तावेजों के साथ पूछताछ के लिए तलब किया। इससे पहले 28 और 29 जुलाई को भी उनसे कई घंटे तक पूछताछ की जा चुकी है। जांच एजेंसी उनके कार्यकाल में हुई निर्णय प्रक्रिया की विस्तार से पड़ताल कर रही है।
पासपोर्ट जब्त, विदेश यात्राओं की भी जांच
जांच के दौरान CID ने पूर्व चेयरमैन का पासपोर्ट जब्त कर लिया है। साथ ही उनके कार्यकाल के दौरान की गई विदेश यात्राओं और उनसे जुड़े दस्तावेजों की भी जांच की जा रही है।
श्वेता गुप्ता से आमने-सामने पूछताछ
जांच को आगे बढ़ाते हुए CID ने पूर्व चेयरमैन एल. ख्यांग्ते और तत्कालीन उप परीक्षा नियंत्रक श्वेता गुप्ता को आमने-सामने बैठाकर पूछताछ की। एजेंसी दोनों के बयानों का मिलान कर परीक्षा प्रक्रिया में संभावित अनियमितताओं की कड़ियां जोड़ने में जुटी है।
TDPL को टेंडर देने की जांच
CID विशेष रूप से इस बात की जांच कर रही है कि परीक्षा संचालन का जिम्मा कथित तौर पर ब्लैकलिस्टेड एजेंसी TDPL को किन परिस्थितियों में दिया गया। टेंडर प्रक्रिया से जुड़े सभी दस्तावेजों की जांच की जा रही है।
पूर्व चेयरमैन ने दी सफाई
एल. ख्यांग्ते का कहना है कि उन्होंने निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने के लिए स्वेच्छा से पद से इस्तीफा दिया। उन्होंने यह भी कहा कि टेंडर दिए जाने के समय संबंधित एजेंसी ब्लैकलिस्टेड नहीं थी और OMR शीट से जुड़े आरोपों की सच्चाई जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी।
अब तक 11 गिरफ्तारियां, कई परीक्षाएं स्थगित
JPSC परीक्षा गड़बड़ी मामले में CID अब तक आयोग के अधिकारियों और परीक्षा संचालन एजेंसी के कर्मचारियों समेत 11 लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है। मामले की जांच के बीच JPSC ने मुख्य परीक्षा सहित कई आगामी भर्ती परीक्षाओं को स्थगित कर दिया है। वहीं, पीटी परीक्षा में सफल 2,204 अभ्यर्थियों की OMR शीट और डिजिटल रिकॉर्ड की भी जांच जारी है।