झारखंड से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां एक गोलगप्पा विक्रेता को बिजली विभाग ने 31 लाख रुपये से ज्यादा का बिल थमा दिया। हैरानी की बात यह है कि उसके घर में न तो पंखा है और न ही एसी—सिर्फ दो बल्ब जलते हैं।
यह मामला झारखंड बिजली वितरण निगम लिमिटेड (JBVNL) से जुड़ा है। शिवनगर टेंपो स्टैंड निवासी नंदू साव, जो गोलगप्पा बेचकर अपने परिवार का पालन-पोषण करते हैं, को अचानक 31,33,845 रुपये का बिजली बिल मिला। बिल देखते ही उनके होश उड़ गए।
नंदू साव ने बताया कि जैसे ही उन्हें इस भारी-भरकम बिल की जानकारी मिली, उन्होंने तुरंत बिजली विभाग में आवेदन देकर सुधार की मांग की। लेकिन 15 दिन बीत जाने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई।
परिवार की स्थिति बेहद साधारण है। उनका घर एस्बेस्टस का बना हुआ है और उसमें न तो कूलर है, न पंखा। उनकी पत्नी रेखा देवी के अनुसार, घर में केवल दो बल्ब जलते हैं और पानी भरने के लिए एक छोटा मोटर है। हर महीने उनका बिजली बिल सामान्य आता था, लेकिन अचानक लाखों का बिल आना समझ से परे है।
रेखा देवी ने बताया कि उन्होंने विभाग के अधिकारियों को इस गलती की जानकारी दी थी। शुरू में उन्हें आश्वासन मिला कि बिल ठीक कर दिया जाएगा, लेकिन बाद में कोई सुधार नहीं हुआ। दोबारा जांच करने पर भी बिल वही 31 लाख रुपये ही दिखा।
परिवार का कहना है कि अगर वे अपना घर भी बेच दें, तब भी इतना बड़ा बिल चुका पाना संभव नहीं है। इस घटना के बाद पूरे इलाके में बिजली विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं।
वहीं, बिजली विभाग के जेई रंजीत कुमार ने इस मामले को तकनीकी गड़बड़ी माना है। उन्होंने कहा कि पहली नजर में यह मीटर रीडिंग की त्रुटि लग रही है। उपभोक्ता की शिकायत के आधार पर जांच टीम भेज दी गई है और जल्द ही बिल में सुधार किया जाएगा।

