भारत की स्टार बैडमिंटन खिलाड़ी साइना नेहवाल रविवार को देवघर पहुंचीं, जहां उनके आगमन से खेल प्रेमियों में खासा उत्साह देखने को मिला। वह बिहार के बांका जिले में एक स्कूल उद्घाटन कार्यक्रम में शामिल होने के क्रम में देवघर आई थीं।

देवघर पहुंचने पर उन्होंने अपने पिता हरवीर सिंह नेहवाल के साथ बाबा बैद्यनाथ धाम में पूजा-अर्चना कर जलार्पण किया। उन्होंने इसे अपने जीवन का एक विशेष और यादगार क्षण बताया।

साइना ने कहा कि देश के 12 ज्योतिर्लिंगों में शामिल इस पवित्र स्थल पर दर्शन करना उनके लिए सौभाग्य की बात है। उन्होंने माता पार्वती के भी दर्शन किए और इस यात्रा को अपने जीवन के महत्वपूर्ण अनुभवों में शामिल बताया।

खेलों के महत्व पर जोर देते हुए साइना ने कहा कि बच्चों के शारीरिक और मानसिक विकास के लिए खेल बेहद जरूरी हैं। उन्होंने कहा कि आज कई स्कूल खेल गतिविधियों को बढ़ावा दे रहे हैं, जो एक सकारात्मक संकेत है।

देवघर में उनके आगमन की खबर मिलते ही बड़ी संख्या में युवा खिलाड़ी और प्रशंसक उन्हें देखने पहुंचे। इस मौके पर स्थानीय बैडमिंटन और अन्य खेल संघों के पदाधिकारी भी मौजूद रहे।

हरियाणा के हिसार में जन्मीं साइना नेहवाल का करियर बेहद प्रेरणादायक रहा है। 2008 में जूनियर वर्ल्ड चैंपियन बनने के बाद उन्होंने 2009 में इंडोनेशिया ओपन जीतकर इतिहास रचा। 2012 लंदन ओलंपिक में कांस्य पदक जीतकर उन्होंने देश का नाम रोशन किया।

2015 में वह विश्व नंबर-1 रैंकिंग हासिल करने वाली पहली भारतीय महिला बैडमिंटन खिलाड़ी बनीं। घुटने की समस्या के कारण उन्होंने जनवरी 2026 में अंतरराष्ट्रीय बैडमिंटन से संन्यास ले लिया।

इस दौरान उनके पिता हरवीर सिंह नेहवाल भावुक हो गए। उन्होंने कहा कि बाबा बैद्यनाथ के दर्शन से उनका जीवन धन्य हो गया। उन्होंने कहा कि साइना ने उन्हें नाम और सम्मान दिलाया है और उनकी सफलता ही उनके जीवन की सबसे बड़ी खुशी है।