झारखंड में 23 करोड़ रुपये के पेयजल घोटाले से जुड़े विवादित मामले में अब जांच का जिम्मा केंद्रीय एजेंसी को सौंप दिया गया है। Supreme Court of India ने राज्य सरकार की उस याचिका को खारिज कर दिया है, जिसमें Jharkhand High Court के CBI जांच के आदेश को चुनौती दी गई थी। इस फैसले के बाद स्पष्ट हो गया है कि अब पूरे मामले की जांच Central Bureau of Investigation ही करेगी।
यह विवाद मूल रूप से पेयजल एवं स्वच्छता विभाग में हुए कथित 23 करोड़ रुपये के गबन से जुड़ा है। मामले ने उस समय नया मोड़ लिया, जब आरोपी संतोष कुमार ने प्रवर्तन निदेशालय के अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि पूछताछ के दौरान उनके साथ मारपीट और दुर्व्यवहार किया गया।
बताया जाता है कि 12 जनवरी 2026 को संतोष कुमार ईडी कार्यालय पहुंचे थे, जहां कथित तौर पर उनके साथ मारपीट की घटना हुई। इसके बाद उन्होंने रांची के एयरपोर्ट थाना में प्राथमिकी दर्ज कराते हुए ईडी के कुछ अधिकारियों पर शारीरिक और मानसिक प्रताड़ना का आरोप लगाया। इस शिकायत के आधार पर पुलिस ने हत्या के प्रयास सहित कई गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया।
घटना के बाद जब रांची पुलिस जांच के लिए ईडी कार्यालय पहुंची, तो हालात तनावपूर्ण हो गए। केंद्रीय एजेंसी और राज्य पुलिस के बीच टकराव जैसी स्थिति बनी, जिसके बाद मामला न्यायालय पहुंच गया।
सुनवाई के दौरान Jharkhand High Court ने इसे असाधारण मामला मानते हुए मार्च 2026 में जांच Central Bureau of Investigation को सौंपने का निर्देश दिया था। अदालत ने टिप्पणी की थी कि राज्य पुलिस की कार्रवाई निष्पक्ष नहीं दिख रही और यह केंद्रीय एजेंसी के कार्य में हस्तक्षेप जैसा प्रतीत होता है।
इसके खिलाफ राज्य सरकार ने Supreme Court of India में विशेष अनुमति याचिका दायर की, लेकिन शीर्ष अदालत ने इसे स्वीकार करने से इनकार कर दिया। जस्टिस एम.एम. सुंदरेश और जस्टिस एन. कोटीश्वर सिंह की पीठ ने स्पष्ट किया कि हाई कोर्ट के आदेश में हस्तक्षेप की आवश्यकता नहीं है।
अब सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद जांच पूरी तरह सीबीआई के हाथ में आ गई है। एजेंसी इस मामले में न केवल मारपीट के आरोपों की सच्चाई की जांच करेगी, बल्कि घोटाले से जुड़े पैसों के लेन-देन और उससे जुड़े नेटवर्क की भी गहराई से पड़ताल करेगी।
माना जा रहा है कि जांच आगे बढ़ने पर इस मामले की कड़ियां विभाग के कई बड़े अधिकारियों और अन्य प्रभावशाली लोगों तक पहुंच सकती हैं, जिससे आने वाले दिनों में नए खुलासे संभव हैं।