झारखंड के चतरा स्थित मंडल कारा में सोमवार अहले सुबह उस वक्त हड़कंप मच गया, जब उपायुक्त रवि आनंद और पुलिस अधीक्षक अनिमेष नैथानी अधिकारियों की टीम के साथ अचानक निरीक्षण के लिए पहुंच गए। बिना पूर्व सूचना के हुई इस कार्रवाई से कारा परिसर में तैनात कर्मियों में हलचल बढ़ गई।

निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने सुरक्षा व्यवस्था, सीसीटीवी कैमरों की कार्यशीलता, प्रवेश और निकास बिंदुओं, प्रहरी तैनाती और बंदियों के वार्डों का बारीकी से निरीक्षण किया। इसके साथ ही साफ-सफाई, पेयजल, भोजन और स्वास्थ्य सुविधाओं की भी विस्तृत समीक्षा की गई। अधिकारियों ने निर्देश दिया कि कारा के सभी संवेदनशील स्थानों पर सीसीटीवी निगरानी लगातार सक्रिय रखी जाए।

उपायुक्त रवि आनंद ने कहा कि जेल की सुरक्षा और बंदियों को मिलने वाली बुनियादी सुविधाएं प्रशासन की प्राथमिकता हैं। नियमित निरीक्षण से व्यवस्था में पारदर्शिता बनी रहती है और किसी भी तरह की लापरवाही पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। वहीं एसपी अनिमेष नैथानी ने कारा परिसर में नियमित पेट्रोलिंग, आगंतुकों की सख्त जांच और रिकॉर्ड के सही संधारण पर जोर दिया।

निरीक्षण के दौरान बंदियों के रहन-सहन, वार्डों में वेंटिलेशन, प्रकाश व्यवस्था और स्वास्थ्य सेवाओं का भी जायजा लिया गया। अधिकारियों ने मेडिकल सुविधाओं, दवाओं की उपलब्धता और आपातकालीन तैयारियों की भी समीक्षा की।

जांच के दौरान कोई भी आपत्तिजनक सामग्री या गंभीर अनियमितता सामने नहीं आई और व्यवस्थाएं संतोषजनक पाई गईं। इसके बावजूद प्रशासन ने कारा प्रबंधन को सतर्क रहने और लगातार सुधारात्मक कदम उठाने के निर्देश दिए।