झारखंड में विशेष गहन मतदाता पुनरीक्षण (SIR 2026) अभियान को लेकर राज्य अल्पसंख्यक आयोग और कांग्रेस के प्रतिनिधिमंडल ने चुनाव आयोग से समय-सीमा 15 अगस्त तक बढ़ाने की मांग की है। इस संबंध में आयोग को ज्ञापन सौंपा गया, जिसमें घर-घर सर्वे और फॉर्म के डिजिटलाइजेशन की धीमी रफ्तार का मुद्दा उठाया गया।

मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी और चुनाव आयोग ने प्रतिनिधिमंडल को भरोसा दिलाया कि किसी भी पात्र और वास्तविक मतदाता का नाम बिना उचित प्रक्रिया के मतदाता सूची से नहीं हटाया जाएगा। आयोग का उद्देश्य केवल पारदर्शी, त्रुटिरहित और शुद्ध मतदाता सूची तैयार करना है।

समय-सीमा बढ़ाने की मांग क्यों?

कांग्रेस और राज्य अल्पसंख्यक आयोग के उपाध्यक्ष शमशेर आलम का कहना है कि कई घनी आबादी वाले विधानसभा क्षेत्रों में बूथ लेवल अधिकारियों (BLO) द्वारा फॉर्म वितरण और डेटा डिजिटलाइजेशन की प्रक्रिया अपेक्षित गति से नहीं चल रही है। इससे बड़ी संख्या में योग्य मतदाताओं के छूटने की आशंका है। इसी कारण वर्तमान अंतिम तिथि 29 जुलाई को बढ़ाकर 15 अगस्त तक करने का अनुरोध किया गया है।

चुनाव आयोग ने क्या कहा?

चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया कि जिन मतदाताओं का विवरण पिछली मतदाता सूची से सफलतापूर्वक मैप हो जाएगा, उन्हें अतिरिक्त दस्तावेज जमा करने की आवश्यकता नहीं होगी। वहीं, यदि किसी मतदाता का रिकॉर्ड अन-मैप्ड रहता है तो उसका नाम सीधे सूची से नहीं हटाया जाएगा। पहले संबंधित मतदाता को नोटिस जारी किया जाएगा और आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध कराने का अवसर दिया जाएगा। आयोग ने यह भी कहा कि यदि किसी अधिकारी या कर्मचारी की लापरवाही सामने आती है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

SIR 2026 का उद्देश्य

विशेष गहन मतदाता पुनरीक्षण अभियान का उद्देश्य मतदाता सूची को पूरी तरह शुद्ध और अद्यतन बनाना है। इसके तहत डुप्लीकेट, मृत और स्थायी रूप से स्थानांतरित हो चुके मतदाताओं के नाम हटाए जाएंगे, जबकि 18 वर्ष की आयु पूरी कर चुके नए पात्र नागरिकों के नाम मतदाता सूची में जोड़े जाएंगे।

महत्वपूर्ण तिथियां

30 जून से 29 जुलाई 2026: घर-घर सर्वे, फॉर्म वितरण और सत्यापन।

5 अगस्त 2026: ड्राफ्ट मतदाता सूची का प्रकाशन।

5 अगस्त से 4 सितंबर 2026: दावा और आपत्ति दर्ज कराने की अवधि।