झारखंड के लातेहार जिले में नक्सल विरोधी अभियान के तहत पुलिस और सुरक्षा बलों को बड़ी सफलता मिली है। 20 लाख रुपये के इनामी माओवादी और प्रतिबंधित भाकपा (माओवादी) संगठन के रीजनल कमेटी सदस्य रविंद्र गंझू उर्फ मुकेश गंझू की निशानदेही पर जंगल से एक AK-56 राइफल, दो मैगजीन, 90 जिंदा कारतूस और एक काला पाउच बरामद किया गया है।

इस कार्रवाई को लातेहार पुलिस, सीआरपीएफ और कोबरा बटालियन के संयुक्त अभियान की बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।

पुलिस रिमांड के दौरान मिली अहम जानकारी

पुलिस के अनुसार, रविंद्र गंझू को 12 जुलाई 2026 को विशेष अभियान के दौरान गिरफ्तार किया गया था। इसके बाद उसे पुलिस रिमांड पर लेकर पूछताछ की गई। पूछताछ के दौरान मिली सूचना के आधार पर लातेहार के एसडीपीओ संदीप कुमार गुप्ता के नेतृत्व में पुलिस टीम ने बेतर थाना क्षेत्र के बंडी गांव के समीप जंगल में सर्च ऑपरेशन चलाया।

सर्च अभियान के दौरान जमीन में छिपाकर रखा गया हथियारों का जखीरा बरामद किया गया।

क्या-क्या हुआ बरामद?

पुलिस ने मौके से निम्नलिखित सामग्री बरामद की है—

एक स्वचालित AK-56 राइफल

दो मैगजीन

90 जिंदा कारतूस

एक काले रंग का पाउच

16 वर्षों से माओवादी संगठन में था सक्रिय

पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, रविंद्र गंझू पिछले करीब 16 वर्षों से माओवादी संगठन में सक्रिय था। लातेहार, गुमला और लोहरदगा जिलों में उसका व्यापक नेटवर्क और प्रभाव था। उसके खिलाफ विभिन्न थानों में करीब 154 से अधिक आपराधिक मामले दर्ज हैं।

उस पर कई पुलिसकर्मियों और ग्रामीणों की हत्या, आईईडी ब्लास्ट तथा कई बड़े नक्सली हमलों में शामिल होने के आरोप हैं।

हथियार सप्लाई नेटवर्क पर बड़ी चोट

पुलिस का कहना है कि रविंद्र गंझू की गिरफ्तारी और उसकी निशानदेही पर हुई इस बरामदगी से माओवादियों के स्थानीय हथियार सप्लाई नेटवर्क को बड़ा झटका लगा है। सुरक्षा बलों ने क्षेत्र में सर्च ऑपरेशन तेज कर दिया है और अन्य छिपे हथियारों व नक्सली ठिकानों की तलाश जारी है।