झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) की ओर से आयोजित झारखंड फील्ड वर्कर प्रतियोगी परीक्षा-2024 विवादों में घिर गई है। परीक्षा में प्रशासनिक और तकनीकी अव्यवस्था के आरोपों के बीच बड़ी संख्या में अभ्यर्थी परीक्षा देने से वंचित रह गए। 19 जुलाई को आयोजित परीक्षा में 3,22,867 पंजीकृत अभ्यर्थियों में से केवल 86,444 उम्मीदवार ही शामिल हो सके, जबकि करीब 75 प्रतिशत अभ्यर्थी अनुपस्थित रहे।

अभ्यर्थियों ने लगाए गंभीर आरोप

कई अभ्यर्थियों ने सोशल मीडिया पर स्क्रीनशॉट साझा करते हुए दावा किया कि उन्हें एडमिट कार्ड डाउनलोड करने का ईमेल परीक्षा समाप्त होने के बाद मिला। कुछ उम्मीदवारों का कहना है कि ईमेल परीक्षा शुरू होने से कुछ मिनट पहले या ठीक पहले प्राप्त हुआ, जिससे वे समय पर परीक्षा केंद्र नहीं पहुंच सके।

300 से 550 किलोमीटर दूर बनाए गए परीक्षा केंद्र

अभ्यर्थियों ने परीक्षा केंद्रों के आवंटन पर भी सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि कई उम्मीदवारों को उनके गृह जिले से 300 से 550 किलोमीटर दूर परीक्षा केंद्र दिए गए। भारी बारिश और कम समय के कारण इतनी लंबी दूरी तय करना संभव नहीं हो पाया।

वेबसाइट में तकनीकी गड़बड़ी का आरोप

परीक्षा से पहले JSSC की वेबसाइट पर भी तकनीकी समस्या की शिकायतें सामने आईं। अभ्यर्थियों का कहना है कि एडमिट कार्ड डाउनलोड लिंक ठीक से काम नहीं कर रहा था, जिससे उन्हें समय पर प्रवेश पत्र नहीं मिल सका।

दो साल से कर रहे थे तैयारी

यह भर्ती 510 पदों के लिए वर्ष 2024 में निकाली गई थी। अभ्यर्थियों का कहना है कि वे पिछले दो वर्षों से परीक्षा की तैयारी कर रहे थे, लेकिन आयोग की अव्यवस्था के कारण उन्हें परीक्षा देने का मौका नहीं मिल पाया।

आयोग ने क्या कहा?

विवाद बढ़ने के बाद JSSC ने स्पष्ट किया कि परीक्षा से जुड़ी सभी आवश्यक सूचनाएं और एडमिट कार्ड निर्धारित समय से पहले आयोग की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध करा दिए गए थे। हालांकि, अभ्यर्थी आयोग के इस दावे से असहमत हैं और पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच के साथ �⁠दोबारा परीक्षा कराने की मांग कर रहे हैं।