झारखंड में राशन कार्ड धारकों के लिए खाद्य, सार्वजनिक वितरण एवं उपभोक्ता मामले विभाग ने बड़ा बदलाव किया है। नए नियम के तहत अब राशन कार्ड में दर्ज प्रत्येक सदस्य का समय-समय पर बायोमेट्रिक e-KYC (फिंगरप्रिंट सत्यापन) कराना अनिवार्य होगा। यदि किसी सदस्य का एक वर्ष तक बायोमेट्रिक सत्यापन नहीं होता है, तो उसका नाम राशन कार्ड से हटाया जा सकता है।

पहले एक बार e-KYC कराने के बाद दोबारा सत्यापन की आवश्यकता नहीं होती थी, लेकिन अब पारदर्शिता और अपात्र लाभुकों की पहचान सुनिश्चित करने के लिए यह व्यवस्था लागू की गई है।

क्या है नया नियम?

नए प्रावधान के अनुसार राशन कार्ड में दर्ज सभी सदस्यों को समय-समय पर अपने नजदीकी जन वितरण प्रणाली (PDS) डीलर के पास जाकर बायोमेट्रिक सत्यापन कराना होगा।

अब केवल परिवार के मुखिया का अंगूठा लगाकर राशन लेने से अन्य सदस्यों का e-KYC अपडेट नहीं माना जाएगा। परिवार के हर सदस्य को अलग-अलग जाकर फिंगरप्रिंट सत्यापन कराना होगा।

एक साल तक सत्यापन नहीं तो कट सकता है नाम

विभाग के अनुसार यदि किसी सदस्य का लगातार एक वर्ष तक बायोमेट्रिक सत्यापन नहीं होता, तो उसे राशन कार्ड से हटाया जा सकता है। ऐसे में उस सदस्य को सरकारी राशन योजना का लाभ नहीं मिलेगा।

किन कारणों से कट सकता है नाम?

विभाग ने कुछ अन्य परिस्थितियां भी स्पष्ट की हैं, जिनमें राशन कार्ड से नाम हटाया जा सकता है।

आयकरदाता या अन्य अपात्र व्यक्ति पाए जाने पर।

गलत तरीके से सरकारी योजनाओं का लाभ लेने पर।

आधार कार्ड और राशन कार्ड में नाम या अन्य विवरण का मिलान नहीं होने पर e-KYC अटक सकती है, जिससे नाम हटने की संभावना रहती है।

नाम कटने से बचने के लिए क्या करें?

अपने नजदीकी PDS राशन डीलर के पास जाएं।

राशन कार्ड में दर्ज सभी सदस्य आधार कार्ड के साथ उपस्थित हों।

e-POS मशीन पर फिंगरप्रिंट (बायोमेट्रिक) सत्यापन पूरा कराएं।

समय-समय पर e-KYC की स्थिति की जांच करते रहें।

गलती से नाम कट जाए तो क्या करें?

यदि किसी पात्र लाभुक का नाम तकनीकी कारणों या अन्य त्रुटि की वजह से हट जाता है, तो वह अपने प्रखंड आपूर्ति कार्यालय में आधार कार्ड, निवास प्रमाण पत्र और अन्य आवश्यक दस्तावेज जमा कर दोबारा नाम जुड़वाने के लिए आवेदन कर सकता है।