झारखंड में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision-SIR) अभियान के अंतिम चरण में बड़ी संख्या में विसंगतियां सामने आई हैं। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी (CEO) के. रवि कुमार के अनुसार, राज्य में अब तक करीब 30 लाख मतदाताओं के इन्यूमरेशन फॉर्म जमा या डिजिटाइज नहीं हो पाए हैं, जबकि 8.07 लाख मतदाता लापता, 6.62 लाख मृत और 10.78 लाख से अधिक मतदाता स्थायी रूप से दूसरे स्थान पर स्थानांतरित पाए गए हैं।

SIR अभियान में सामने आए प्रमुख आंकड़े

चुनाव आयोग द्वारा जारी जानकारी के अनुसार—

लगभग 30 लाख मतदाताओं के इन्यूमरेशन फॉर्म अब तक प्राप्त या डिजिटाइज नहीं हुए हैं।

8.07 लाख मतदाता अपने पते पर नहीं मिले या लापता पाए गए।

सत्यापन के दौरान 6.62 लाख मृत मतदाताओं की पहचान की गई।

10.78 लाख से अधिक मतदाता नौकरी, विवाह या अन्य कारणों से स्थायी रूप से दूसरे स्थान पर शिफ्ट हो चुके हैं।

ASDD श्रेणी में जाएंगे ये मतदाता

निर्वाचन आयोग ने ऐसे मतदाताओं को ASDD (Absent, Shifted, Dead, Duplicate) श्रेणी में रखा है।

यदि किसी मतदाता का फॉर्म जमा नहीं हुआ है या वह लापता, मृत अथवा स्थायी रूप से स्थानांतरित पाया गया है, तो उसका नाम 5 अगस्त 2026 को प्रकाशित होने वाली ड्राफ्ट मतदाता सूची में शामिल नहीं किया जाएगा।

यदि समय रहते सत्यापन और दावा-आपत्ति की प्रक्रिया पूरी नहीं हुई, तो आगामी विधानसभा चुनाव से पहले 25 से 30 लाख नाम मतदाता सूची से हटाए जा सकते हैं।

जानें चुनाव आयोग का पूरा शेड्यूल

तिथि

प्रक्रिया

29 जुलाई 2026

BLO द्वारा घर-घर फॉर्म वितरण और संग्रह का अंतिम चरण

5 अगस्त 2026

ड्राफ्ट मतदाता सूची का प्रकाशन

5 अगस्त से 4 सितंबर 2026

दावा एवं आपत्ति दर्ज करने की अवधि

3 अक्टूबर 2026

दावों और आपत्तियों का अंतिम निपटारा

7 अक्टूबर 2026

अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन

मतदाता क्या करें?

यदि आपका या आपके परिवार के किसी सदस्य का इन्यूमरेशन फॉर्म अभी तक जमा नहीं हुआ है, तो तुरंत अपने क्षेत्र के बीएलओ (BLO) से संपर्क करें। इसके अलावा मतदाता हेल्पलाइन 1950 पर कॉल कर जानकारी प्राप्त की जा सकती है। मतदाता अपनी स्थिति मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी, झारखंड की आधिकारिक वेबसाइट पर भी जांच सकते हैं।