झारखंड के कुख्यात गैंगस्टर सुजीत सिन्हा के अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए पलामू जिला व्यवहार न्यायालय ने उसकी पत्नी रिया सिन्हा को एक दिन की पैरोल मंजूर कर दी है। रिया सिन्हा फिलहाल चाईबासा की हाई-सिक्योरिटी जेल में बंद है।
सुजीत सिन्हा का शव मंगलवार को पलामू जिले के उसके पैतृक गांव मरहा पथरा पहुंचा था। हालांकि पत्नी रिया सिन्हा और बेटे अक्षत कुमार के आने का इंतजार होने के कारण अंतिम संस्कार स्थगित कर दिया गया था। अब अदालत से पैरोल मिलने के बाद बुधवार को कड़ी पुलिस सुरक्षा के बीच रिया सिन्हा अंतिम संस्कार में शामिल होगी।
कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए गांव में भारी संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गई है। प्रशासन पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए है।
गौरतलब है कि रविवार देर रात सुजीत सिन्हा की जामताड़ा में पुलिस मुठभेड़ में मौत हो गई थी। पुलिस के अनुसार, उसे साहिबगंज जेल से धनबाद जेल ले जाया जा रहा था। इसी दौरान उसने कथित तौर पर पुलिसकर्मी की राइफल छीनकर भागने और फायरिंग करने की कोशिश की, जिसके बाद जवाबी कार्रवाई में वह घायल हो गया। अस्पताल ले जाने पर डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
रिया सिन्हा पर भी कई गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं। जांच एजेंसियों के अनुसार, सुजीत सिन्हा के जेल में रहने के दौरान वह गैंग के नेटवर्क का संचालन करती थी। उस पर रंगदारी वसूली, शूटरों की व्यवस्था करने और संगठित अपराध से जुड़े कई आरोप हैं। इसी कारण उसे रांची जेल से चाईबासा की हाई-सिक्योरिटी जेल में स्थानांतरित किया गया था।
वहीं, सुजीत सिन्हा के परिजनों ने पुलिस एनकाउंटर पर सवाल उठाते हुए इसे फर्जी मुठभेड़ बताया है और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। पुलिस की ओर से मामले की जांच जारी है।