कतरास के छाताबाद इलाके में शुक्रवार को अचानक हुए भू-धंसान से कई परिवारों के आशियाने उजड़ गए। जमीन धंसने की घटना में करीब 15 घर पूरी तरह जमींदोज हो गए, जबकि लगभग 20 मकान इसकी चपेट में आ गए। हादसे के बाद इलाके में चीख-पुकार और अफरा-तफरी मच गई। कुछ घंटे पहले तक जिन घरों में परिवारों की जिंदगी सामान्य रूप से चल रही थी, वहां अब मलबे का ढेर नजर आ रहा है।
मलबे में दबी महिला की आवाज सुनकर पहुंचे युवक
हादसे के बाद स्थानीय लोग मलबे में दबे लोगों की तलाश में जुट गए। इसी दौरान कुछ युवकों को मलबे के नीचे से एक महिला की आवाज सुनाई दी। महिला मदद के लिए लगातार पुकार रही थी। आवाज की दिशा में पहुंचे युवकों ने बिना समय गंवाए मलबा हटाना शुरू किया और कड़ी मशक्कत के बाद महिला को सुरक्षित बाहर निकाल लिया।
मलबे से जीवित निकाली गई महिला की पहचान नजमा खातून के रूप में हुई है। उन्हें इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया, जहां उपचार के बाद डॉक्टरों ने उन्हें डिस्चार्ज कर दिया।
जान जोखिम में डालकर बचाव में जुटे स्थानीय युवक
भू-धंसान के बाद राहत और बचाव कार्य के दौरान स्थानीय युवकों ने भी साहस दिखाया। जमीन में धंसे मकानों तक पहुंचने के लिए सीढ़ी लगाई गई। मलबा हटाने के दौरान जमीन के दोबारा धंसने का खतरा बना हुआ था, इसके बावजूद युवकों ने हिम्मत नहीं छोड़ी।
स्थानीय लोगों ने मलबा हटाकर एक अन्य महिला और एक युवती को भी जमींदोज मकान से बाहर निकाला। हादसे में कई लोगों के घायल होने की भी सूचना है।
स्थानीय पार्षद ने बताई पूरी घटना
स्थानीय पार्षद मो. शाहबुद्दीन ने बताया कि नजमा खातून मलबे में दबी हुई थीं। लोग जब मलबे में फंसे लोगों की तलाश कर रहे थे, तभी उन्हें महिला की आवाज सुनाई दी। इसके बाद युवकों ने आवाज की दिशा में पहुंचकर मलबा हटाया और महिला को बाहर निकालने में सफलता हासिल की।
भू-धंसान की इस घटना ने कई परिवारों को बेघर कर दिया है। प्रभावित परिवारों की नजर अब प्रशासन की राहत और बचाव व्यवस्था पर टिकी है। स्थानीय लोगों ने प्रभावित परिवारों के लिए तत्काल राहत, सुरक्षित स्थान और जरूरी सहायता उपलब्ध कराने की मांग की है।