रांची में स्वर्णिम भारत एक्सपो 2026 का आगाज हो गया है। 22 से 24 अक्टूबर तक रांची क्लब लिमिटेड में आयोजित इस तीन दिवसीय राष्ट्रीय प्रदर्शनी का उद्घाटन झारखंड के राज्यपाल संतोष गंगवार ने रिबन काटकर किया। कार्यक्रम में केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ और राज्यसभा सांसद आदित्य साहू भी शामिल हुए। एक्सपो के माध्यम से आम लोगों को केंद्र सरकार की विभिन्न योजनाओं, सार्वजनिक संस्थानों की उपलब्धियों, वैज्ञानिक प्रगति और देश के विकास से जुड़ी पहलों की जानकारी दी जा रही है।
यह आयोजन विकसित भारत 2047, आत्मनिर्भर भारत और मेक इन इंडिया की परिकल्पना से प्रेरित है। एक्सपो में विभिन्न सरकारी विभागों, सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों, वैज्ञानिक संस्थानों, विकास संगठनों और छोटे-मझोले उद्यमों ने अपने स्टॉल लगाये हैं। इन स्टॉल के माध्यम से संस्थान अपनी उपलब्धियों, योजनाओं, उत्पादों और तकनीकी नवाचारों की जानकारी लोगों तक पहुंचा रहे हैं।
उद्घाटन समारोह में राज्यपाल संतोष गंगवार ने झारखंड के स्थानीय उत्पादों को बेहतर गुणवत्ता, आकर्षक डिजाइन, आधुनिक तकनीक और प्रभावी ब्रांडिंग के जरिये देश-दुनिया के बाजार तक पहुंचाने पर जोर दिया। उन्होंने युवाओं से डिजिटल तकनीक, ई-कॉमर्स और सोशल मीडिया का अधिक से अधिक उपयोग करने की अपील की। उन्होंने कहा कि इन माध्यमों से छोटे उद्यम भी अपने उत्पादों को बड़े बाजार तक पहुंचा सकते हैं और अपनी पहचान बना सकते हैं।
भारत अब निर्यातक देश बन रहा है : संजय सेठ
केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने एक्सपो में लगे विभिन्न स्टॉल का भ्रमण किया। इसके बाद मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि आज पूरी दुनिया भारत की बढ़ती प्रगति को देख रही है। भारत अब केवल आयात करने वाला देश नहीं, बल्कि निर्यातक देश के रूप में भी अपनी पहचान मजबूत कर रहा है।
विकास योजनाओं की जानकारी लोगों तक पहुंचाने का प्रयास
राज्यसभा सांसद आदित्य प्रसाद साहू ने भी एक्सपो के महत्व पर अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि देश आर्थिक प्रगति की राह पर आगे बढ़ रहा है। इस तरह की प्रदर्शनियों के जरिये स्थानीय लोगों को केंद्र सरकार की विभिन्न विकास योजनाओं, संस्थानों की उपलब्धियों और देश में हो रहे बदलावों की जानकारी मिलती है।
इन प्रमुख संस्थानों ने लगाये हैं स्टॉल
स्वर्णिम भारत एक्सपो 2026 में देश के कई प्रमुख सरकारी विभागों, सार्वजनिक उपक्रमों और संस्थानों की भागीदारी है। इनमें इसरो, सीमा शुल्क एवं केंद्रीय उत्पाद शुल्क, कोल इंडिया, सीसीएल, एपीडा, ब्यूरो ऑफ एनर्जी एफिशिएंसी, भारतीय मानक ब्यूरो, वैज्ञानिक तथा औद्योगिक अनुसंधान परिषद (सीएसआईआर), एनटीपीसी माइनिंग लिमिटेड, भारतीय जन औषधि परियोजना, डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर, कृषि विज्ञान केंद्र (आईसीएआर), सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय, भारतीय हस्तशिल्प, नालको, टी बोर्ड इंडिया, ट्राइब्स इंडिया, आईआरसीटीसी, भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर), राष्ट्रीय महिला आयोग और मेकॉन लिमिटेड शामिल हैं।

24 अक्टूबर तक चलने वाली इस प्रदर्शनी में लोग विभिन्न संस्थानों के कार्यों, सरकारी योजनाओं और भारत की विकास यात्रा से जुड़ी जानकारियां प्राप्त कर सकेंगे।