रांची। झारखंड एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने आय से अधिक संपत्ति मामले में मंगलवार देर शाम बड़ी कार्रवाई करते हुए रांची, धनबाद और कोडरमा में एक साथ छापेमारी की। यह रेड तीनों जिलों में संचालित टाटा मोटर्स के शोरूम में की गई, जिनका संबंध इस मामले की मुख्य आरोपी स्निग्धा सिंह से बताया जा रहा है।

एसीबी के सूत्रों के अनुसार, स्निग्धा सिंह टाटा मोटर्स के इन शोरूम की मालिक और डायरेक्टर हैं और आय से अधिक संपत्ति से जुड़े मामले में आरोपी होने के साथ-साथ फिलहाल फरार भी चल रही हैं। एजेंसी को लंबे समय से इन शोरूम में हुए बड़े निवेश को लेकर संदेह था, जिसके बाद एक साथ कार्रवाई को अंजाम दिया गया।

करोड़ों के निवेश की जांच

एसीबी को पुख्ता सूचना मिली थी कि रांची, धनबाद और कोडरमा में संचालित टाटा मोटर्स के शोरूम में करोड़ों रुपये का निवेश किया गया है। हालांकि, निवेश के स्रोत को लेकर अब तक कोई स्पष्ट जानकारी एजेंसी को उपलब्ध नहीं कराई गई है।

जांच एजेंसी यह पता लगाने में जुटी है कि शोरूम में लगाए गए पैसे कहां से आए, किस माध्यम से निवेश किया गया और इसके पीछे किन-किन लोगों की भूमिका रही। छापेमारी के दौरान एसीबी की टीम ने दस्तावेजों, वित्तीय रिकॉर्ड और अन्य महत्वपूर्ण कागजातों की जांच की है। जरूरत पड़ने पर इनसे जुड़े लोगों से पूछताछ भी की जा सकती है।

पहले की कार्रवाई से जुड़ी कड़ी 

एसीबी की यह कार्रवाई हाल ही में की गई छापेमारियों की अगली कड़ी मानी जा रही है। इसी महीने एसीबी ने जेल में बंद निलंबित आईएएस अधिकारी विनय चौबे से जुड़े लोगों पर भी कार्रवाई की थी। उस दौरान एसीबी ने विनय चौबे के करीबी श्रवण जालान और दुमका के कारोबारी नवीन पटवारी के ठिकानों पर अलग-अलग जगहों पर छापेमारी की थी।

सूत्रों के मुताबिक, इन सभी मामलों में पैसों के लेन-देन और निवेश के नेटवर्क को खंगाला जा रहा है। एसीबी यह जानने की कोशिश कर रही है कि क्या इन निवेशों के पीछे एक ही नेटवर्क काम कर रहा है या फिर अलग-अलग स्रोतों से धन लगाया गया है।

जांच जारी, बढ़ सकती है कार्रवाई

एसीबी अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल जांच प्रारंभिक चरण में है और दस्तावेजों के विश्लेषण के बाद आगे की कार्रवाई तय की जाएगी। यदि निवेश में अनियमितता या अवैध लेन-देन के सबूत मिलते हैं, तो इस मामले में और भी नाम सामने आ सकते हैं।