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एशियन गेम्स 2026: 44 साल बाद भारतीय महिला हॉकी टीम ने जीता गोल्ड, झारखंड की चार बेटियों का रहा अहम योगदान

भारतीय महिला हॉकी टीम ने एशियन गेम्स 2026 में शानदार प्रदर्शन करते हुए 44 वर्षों बाद ऐतिहासिक स्वर्ण पदक अपने नाम किया है। इस ऐतिहासिक जीत में झारखंड की चार बेटियों ने भी अहम भूमिका निभाई। टीम की कप्तान सलीमा टेटे के अलावा निक्की प्रधान, दीपिका सोरेंग और ब्यूटी डुंगडुंग भारतीय टीम का हिस्सा रहीं।

ऐतिहासिक जीत के बाद भारतीय महिला हॉकी टीम की कप्तान सलीमा टेटे समेत झारखंड की चारों खिलाड़ी रविवार सुबह रांची पहुंचीं। बिरसा मुंडा एयरपोर्ट पर खिलाड़ियों का भव्य स्वागत किया गया। हॉकी झारखंड के डायरेक्टर विजय सिंह समेत कई लोग खिलाड़ियों के स्वागत के लिए एयरपोर्ट पहुंचे थे। इस दौरान उभरते हुए हॉकी खिलाड़ियों ने भी अपनी चैंपियन खिलाड़ियों से मुलाकात कर उन्हें जीत की बधाई दी।

चीन के खिलाफ मुकाबले से पहले जीत का था भरोसा

रांची पहुंचने के बाद कप्तान सलीमा टेटे ने कहा कि चीन के खिलाफ मुकाबला काफी कठिन था। सामने मजबूत टीम थी, लेकिन भारतीय खिलाड़ियों को अपनी तैयारी और जीत पर पूरा भरोसा था। टीम को विश्वास था कि वह इस मुकाबले में शानदार प्रदर्शन कर जीत हासिल कर सकती है।

6-7 महीने से कर रही थीं तैयारी

हॉकी खिलाड़ी निक्की प्रधान ने रांची में मिले स्वागत पर खुशी जताई। उन्होंने कहा कि जब भी टीम पदक जीतकर झारखंड लौटती है, तो यहां के लोग और परिवार के सदस्य इसी तरह खिलाड़ियों का स्वागत करते हैं। उन्होंने बताया कि इस बार टीम ने पिछले 6-7 महीने से कड़ी तैयारी की थी।

वहीं, दीपिका सोरेंग ने कहा कि ऐतिहासिक जीत के बाद उन्हें बहुत अच्छा लग रहा है। टीम ने इस सफलता के लिए काफी मेहनत की थी। रांची पहुंचने पर मिले भव्य स्वागत ने खिलाड़ियों की खुशी को और बढ़ा दिया।

झारखंड की बेटियों ने बढ़ाया देश और राज्य का मान

एशियन गेम्स 2026 में भारतीय महिला हॉकी टीम की स्वर्णिम जीत ने देशभर में खुशी की लहर पैदा कर दी है। वहीं, झारखंड की चार खिलाड़ियों की मौजूदगी ने राज्य का गौरव भी बढ़ाया है। कप्तान सलीमा टेटे के नेतृत्व में निक्की प्रधान, दीपिका सोरेंग और ब्यूटी डुंगडुंग ने भारतीय टीम की ऐतिहासिक सफलता में योगदान दिया।

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