धनबाद स्थित बिनोद बिहारी महतो कोयलांचल विश्वविद्यालय (BBMKU) ने उच्च शिक्षा व्यवस्था में बड़े बदलाव की तैयारी शुरू कर दी है। विश्वविद्यालय प्रशासन सत्र 2026 से संबद्ध कॉलेजों में संचालित स्नातकोत्तर (PG) पाठ्यक्रमों को बंद कर पीजी की पढ़ाई को पूरी तरह यूनिवर्सिटी कैंपस में केंद्रीकृत करने की योजना बना रहा है। इस प्रस्ताव का उद्देश्य शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार और संसाधनों का बेहतर उपयोग सुनिश्चित करना बताया जा रहा है।
प्रस्तावित मॉडल के तहत अब पीजी की पढ़ाई मुख्य रूप से विश्वविद्यालय के विभागों और केंद्रीय कैंपस में संचालित होगी। विश्वविद्यालय का मानना है कि इससे बेहतर फैकल्टी, रिसर्च सुविधाएं और शैक्षणिक संसाधन एक ही जगह उपलब्ध कराए जा सकेंगे, जिससे छात्रों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिलेगी।
विश्वविद्यालय प्रशासन के अनुसार, कॉलेजों में पीजी कोर्स बंद होने के बाद संबंधित कॉलेज स्नातक (UG) और वोकेशनल कोर्स पर अधिक प्रभावी ढंग से ध्यान केंद्रित कर पाएंगे। इससे कॉलेज स्तर पर पढ़ाई की व्यवस्था भी मजबूत होने की उम्मीद जताई जा रही है।
हालांकि, इस प्रस्ताव को लेकर छात्रों और शिक्षकों के बीच चर्चा तेज हो गई है। कई छात्रों का मानना है कि यूनिवर्सिटी कैंपस में पढ़ाई केंद्रीकृत होने से दूरदराज के विद्यार्थियों को आवागमन और आवास जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। वहीं, विश्वविद्यालय प्रशासन इसे शिक्षा व्यवस्था में सुधार की दिशा में अहम कदम बता रहा है।