झारखंड के प्रतिष्ठित इंजीनियरिंग संस्थान BIT Mesra के छात्रों ने पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक प्रेरणादायक पहल की है। छात्रों ने बेकार पड़ी प्लास्टिक बोतलों का उपयोग कर इको-फ्रेंडली डस्टबिन तैयार किया है, जिसकी अब हर ओर चर्चा हो रही है।
यह पहल न केवल प्लास्टिक कचरे को कम करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है, बल्कि लोगों को रीसाइक्लिंग और पुनः उपयोग के प्रति जागरूक करने का भी काम कर रही है।
बेकार बोतलों को दिया नया रूप
छात्रों ने कैंपस और आसपास के क्षेत्रों से फेंकी गई पुरानी प्लास्टिक बोतलों को इकट्ठा किया। इसके बाद इन बोतलों को एक खास डिजाइन में जोड़कर मजबूत और उपयोगी डस्टबिन का ढांचा तैयार किया गया।
छात्रों का कहना है कि आमतौर पर प्लास्टिक की बोतलें पर्यावरण प्रदूषण का बड़ा कारण बनती हैं, लेकिन सही तरीके से उनका उपयोग कर उन्हें उपयोगी वस्तुओं में बदला जा सकता है।
पर्यावरण संरक्षण का संदेश
इस प्रोजेक्ट के जरिए छात्रों ने “Reuse” और “Recycle” का संदेश देने की कोशिश की है। उनका मानना है कि अगर लोग छोटी-छोटी पहल करें तो प्लास्टिक प्रदूषण जैसी बड़ी समस्या पर काफी हद तक नियंत्रण पाया जा सकता है।
कम खर्च में तैयार हुआ मॉडल
छात्रों द्वारा तैयार किया गया यह डस्टबिन बेहद कम लागत में बनाया गया है। यही वजह है कि इसे सस्ता और टिकाऊ समाधान माना जा रहा है।
विशेषज्ञों का कहना है कि झारखंड जैसे प्राकृतिक संसाधनों से भरपूर राज्य में युवाओं की ऐसी सोच भविष्य में पर्यावरण संरक्षण के लिए मिसाल बन सकती है।

