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बोकारो तेतुलिया वन भूमि घोटाले का मास्टरमाइंड गिरफ्तार, पटना से दबोचा गया शैलेश सिंह

झारखंड सीआईडी (CID) को बोकारो के बहुचर्चित तेतुलिया वन भूमि घोटाले में बड़ी सफलता मिली है। मामले के मुख्य आरोपी और कथित मास्टरमाइंड शैलेश सिंह को बिहार की राजधानी पटना से गिरफ्तार कर लिया गया है। लंबे समय से फरार चल रहे शैलेश सिंह को सीआईडी की टीम ने पटना के राजीव नगर थाना क्षेत्र स्थित नंदनपुरी कॉलोनी से दबोचा। गिरफ्तारी के बाद उसे रांची लाकर विशेष अदालत में पेश किया गया, जहां से न्यायिक हिरासत में बिरसा मुंडा केंद्रीय कारा (होटवार जेल) भेज दिया गया।

जांच एजेंसियों के अनुसार, शैलेश सिंह पर फर्जी दस्तावेजों के आधार पर पावर ऑफ अटॉर्नी तैयार कर बोकारो के तेतुलिया मौजा की 74 एकड़ संरक्षित वन भूमि अपने बेटे की कंपनी उमायुष मल्टीकॉम प्राइवेट लिमिटेड के नाम रजिस्ट्री कराने का आरोप है। यह मामला कुल 103 एकड़ सरकारी संरक्षित वन भूमि के अवैध अधिग्रहण और खरीद-बिक्री से जुड़ा हुआ है।

हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट से नहीं मिली राहत

सीआईडी के अनुसार, गिरफ्तारी से बचने के लिए शैलेश सिंह ने पहले झारखंड हाई कोर्ट और बाद में सुप्रीम कोर्ट में अग्रिम जमानत की याचिका दायर की थी, लेकिन दोनों अदालतों ने उसकी याचिका खारिज कर दी। इसके बाद से वह लगातार फरार चल रहा था।

1933 की फर्जी नीलामी के दस्तावेज बनाए

जांच में सामने आया है कि आरोपियों ने सरकारी वन भूमि को निजी संपत्ति साबित करने के लिए वर्ष 1933 की कथित नीलामी के फर्जी दस्तावेज तैयार किए। इन्हीं कागजात के आधार पर जमीन का मालिकाना हक दिखाकर करोड़ों रुपये मूल्य की सरकारी जमीन का फर्जी तरीके से हस्तांतरण किया गया।

बेटे की कंपनी के नाम कराई गई जमीन

सीआईडी की जांच में यह भी सामने आया कि महज दो लाख रुपये की घोषित पूंजी वाली कंपनी उमायुष मल्टीकॉम प्राइवेट लिमिटेड के नाम करोड़ों रुपये की वन भूमि की रजिस्ट्री कराई गई। जांच एजेंसियों को यह भी जानकारी मिली है कि रांची की राजबीर कंस्ट्रक्शन कंपनी ने शैलेश सिंह के बेटे की कंपनी में 3.4 करोड़ रुपये ट्रांसफर किए थे, जिसकी भी जांच की जा रही है।

अब तक पांच गिरफ्तारियां

तेतुलिया वन भूमि घोटाले की जांच सीआईडी के साथ-साथ प्रवर्तन निदेशालय (ED) भी कर रहा है। शैलेश सिंह इस मामले में गिरफ्तार होने वाला पांचवां आरोपी है। इससे पहले फर्जी दस्तावेज तैयार करने के आरोप में इजहार हुसैन, अख्तर हुसैन तथा राजबीर कंस्ट्रक्शन के निदेशकों को गिरफ्तार किया जा चुका है। वहीं, मामले में संलिप्तता सामने आने के बाद चास के तत्कालीन अंचल अधिकारी के खिलाफ भी कार्रवाई की गई थी।

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