टोल मैनेजर ने लगाया आरोप
टोल मैनेजर ने दर्ज करायी प्राथमिकी में बताया है कि सफेद रंग की एसयूवी कार 700 ( जेएच-01एफजी- 1025) रामपुर से विकास (कांके) की ओर जा रही थी. कार सवार लोग खुद को कांके होचर का निवासी बता रहे थे. उनकी जिद थी कि उन्हें टोल प्लाजा से नि:शुल्क गुजरने दिया जाये. सीसीटीवी फुटेज के अनुसार, कार सवार महिला कह रही थी कि हम लोग स्थानीय हैं और जाते समय भी हमने टोल नहीं दिया था, तो अब क्यों दें. इसी दौरान टोल कर्मी ने कार में लगे फास्टैग से 70 रुपये काट लिये. इस पर कार सवार दोनों महिला-पुरुष ने टोल के बूथ नंबर 13 पर ड्यूटी कर रहे कर्मी विशाल उपाध्याय को केबिन से बाहर बुलाया. फिर कर्मी विशाल की कनपटी और सीने में पिस्टल सटाकर मोबाइल और 13 हजार रुपये लूट लिये. इसके बाद कर्मी के साथ भी मारपीट शुरू कर दी. आरोपी ने कर्मी विशाल पर फायरिंग भी की. लेकिन निशाना चूक जाने से उसकी जान बच गयी.
महिला चिकित्सक के पति ने भी दर्ज कराया केस
डॉ रूपम कुमारी के पति गौतम तिवारी पेशे से व्यवसायी हैं. उन्होंने भी अनगड़ा थाना में दर्ज प्राथमिकी में कहा है कि वह पत्नी और अपने साले ज्ञानदीप के साथ पुरी से रांची के कांके अंतर्गत होचर स्थित आवास सोमवार की रात में लौट रहे थे. हेसल टोल प्लाजा पर उन लोगों ने बताया कि हम लोग लोकल हैं. लेकिन उसके बाद भी कर्मी ने टोल काटा और अपशब्द कहे. इसके बाद कर्मी ने पिस्टल निकाल ली. तब उन्होंने हिम्मत कर पिस्टल छीन ली. जिसके बाद कार में बैठने के लिए जा रहे थे कि तभी टोलकर्मियों ने उनको पटक कर मारा और हाथ से पिस्टल छीन ली. इस दौरान उनका साला ज्ञानदीप उन्हें बचाने के लिए कार से निकला. किसी तरह वह लोग वहां से जान बचाकर भागे.
पुलिस की जांच में क्या आया सामने
अनगड़ा पुलिस की जांच में यह बात सामने आयी है कि टोल प्लाजा पर लगा सीसीटीवी कैमरा खराब था. घटना का वीडियो टोल कर्मियों ने बनाया है. वीडियो में रात के 12:41 बजे गौतम तिवारी के हाथ में पिस्टल दिख रही है. लेकिन जब वे कार की ओर गये, तो 12:42 बजे उनके हाथ में पिस्टल नजर नहीं आ रही. घटना के समय टोल का मैनेजर संतोष पाठक वहां मौजूद नहीं था. जबकि प्राथमिकी उसने ही दर्ज करायी है. मामले में दोनों पक्षों द्वारा किये जा रहे दावों की पुलिस जांच कर रही है.

