केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो ने बड़ी कार्रवाई करते हुए हजारीबाग में सेंट्रल वेयरहाउसिंग कॉरपोरेशन के एक मैनेजर को एक लाख रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। इस कार्रवाई के बाद पूरे विभाग में हड़कंप मच गया है।
गिरफ्तारी के बाद CBI ने आरोपी से जुड़े ठिकानों पर छापेमारी की। तलाशी के दौरान करीब 21 लाख रुपये नकद, भारी मात्रा में आभूषण, संपत्ति से जुड़े दस्तावेज और कई डिजिटल साक्ष्य बरामद किए गए हैं। एजेंसी इन सभी सबूतों की जांच कर रही है ताकि मामले की पूरी सच्चाई सामने लाई जा सके।
CBI के अधिकारियों के अनुसार, आरोपी को रांची की विशेष अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। फिलहाल जांच एजेंसी यह भी पता लगाने में जुटी है कि इस मामले में अन्य अधिकारियों की कोई भूमिका रही है या नहीं।
सूत्रों के मुताबिक, यह कार्रवाई भ्रष्टाचार के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान का हिस्सा है। CBI अब जब्त किए गए दस्तावेजों और डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर आगे की जांच को तेज कर रही है।
इस घटना के सामने आने के बाद सरकारी विभागों में पारदर्शिता और जवाबदेही को लेकर एक बार फिर बहस तेज हो गई है। वहीं CBI ने संकेत दिया है कि जांच के दौरान और भी खुलासे हो सकते हैं।

