देशभर में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के भीतर इन दिनों अंदरूनी असंतोष की खबरें तेज होती जा रही हैं। खासकर झारखंड, जम्मू-कश्मीर और बिहार में पार्टी के भीतर मतभेद खुलकर सामने आ रहे हैं, जिससे संगठन और गठबंधन राजनीति पर असर पड़ने की संभावना जताई जा रही है।

झारखंड में पार्टी के वरिष्ठ नेता और वित्त मंत्री राधा कृष्णा किशोर ने सार्वजनिक रूप से पार्टी की कार्यशैली पर सवाल उठाए हैं। वहीं जलेश्वर महतो जैसे नेताओं ने सरकार को बाहर से समर्थन देने की बात कहकर महागठबंधन में हलचल बढ़ा दी है।

जम्मू-कश्मीर में हालिया चुनाव प्रदर्शन को लेकर स्थानीय नेताओं में नाराजगी देखी जा रही है। पार्टी के कुछ नेताओं ने नेशनल कॉन्फ्रेंस के साथ गठबंधन पर पुनर्विचार की मांग की है।

इधर बिहार कांग्रेस में भी संगठनात्मक खींचतान जारी है। कार्यकर्ताओं को एकजुट करने और संगठन को मजबूत बनाने के लिए पटना में महासम्मेलन की तैयारी की जा रही है। नेताओं का आरोप है कि जमीनी स्तर पर काम करने वाले कार्यकर्ताओं की अनदेखी हो रही है।

हालांकि कर्नाटक में असंतोष की खबरों को लेकर मंत्री दिनेश गुंडूराव ने इसे सामान्य राजनीतिक आकांक्षा बताया है और किसी बड़े विवाद से इनकार किया है।

राष्ट्रीय स्तर पर भी राहुल गांधी की भूमिका और आगामी चुनावों की रणनीति को लेकर पार्टी के भीतर अलग-अलग राय सामने आ रही है।

कुल मिलाकर, कांग्रेस के सामने आंतरिक एकजुटता बनाए रखने की चुनौती खड़ी होती दिख रही है, जिसका असर आने वाले चुनावों में भी पड़ सकता है।