झारखंड में राज्यसभा की दो सीटों पर होने वाले चुनाव को लेकर राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं। इस बीच Communist Party of India (Marxist–Leninist) Liberation (सीपीआई-एमएल) ने भी अपना रुख साफ कर दिया है। पार्टी के राज्य सचिव Manoj Bhakt ने कहा है कि राज्यसभा चुनाव में भाजपा उम्मीदवार की हार सुनिश्चित करना उनकी पार्टी की पहली प्राथमिकता होगी।
रांची में पत्रकारों से बातचीत के दौरान मनोज भक्त ने कहा कि अब तक राज्यसभा चुनाव को लेकर महागठबंधन के किसी भी सहयोगी दल की ओर से औपचारिक बातचीत नहीं हुई है। न तो Jharkhand Mukti Morcha और न ही Indian National Congress ने चुनावी रणनीति को लेकर कोई चर्चा या प्रस्ताव साझा किया है।
उन्होंने बताया कि फिलहाल चेन्नई में पार्टी की केंद्रीय समिति की बैठक चल रही है। झारखंड के पार्टी नेता 2 जून तक वापस लौटेंगे, जिसके बाद राज्यसभा चुनाव को लेकर राज्य समिति की बैठक आयोजित की जाएगी। इस बैठक में लिए गए निर्णय को केंद्रीय समिति के समक्ष रखा जाएगा और उसी आधार पर पार्टी की आधिकारिक रणनीति तय होगी।
राज्यसभा उम्मीदवार को लेकर पूछे गए सवाल पर मनोज भक्त ने कहा कि पार्टी का अंतिम फैसला स्टेट कमेटी की बैठक में होगा। हालांकि उन्होंने पूर्व विधायक Vinod Singh को महागठबंधन की ओर से एक मजबूत और योग्य उम्मीदवार बताया। उन्होंने कहा कि विनोद सिंह का सार्वजनिक जीवन बेदाग रहा है और विधायक के रूप में उनका कार्यकाल भी उल्लेखनीय रहा है।
मनोज भक्त ने कहा कि उनकी राय में विनोद सिंह जैसे नेता महागठबंधन के लिए बेहतर विकल्प हो सकते हैं, लेकिन इस संबंध में अंतिम निर्णय पार्टी की बैठक और गठबंधन स्तर पर होने वाली चर्चा के बाद ही लिया जाएगा।
झारखंड में राज्यसभा चुनाव को लेकर अभी तक महागठबंधन की ओर से उम्मीदवारों और सीट बंटवारे पर कोई औपचारिक घोषणा नहीं हुई है। ऐसे में सहयोगी दलों के बयानों को आगामी राजनीतिक रणनीति के संकेत के तौर पर देखा जा रहा है।