रांची: फर्जी चेक के जरीए 56.42 करोड़ की निकासी करते चार युवक गिरफ्तार, मनरेगा आयुक्त के हस्ताक्षर का कर रहे थे इस्तेमाल

रांची: फर्जी चेक के जरीए 56.42 करोड़ की निकासी करते चार युवक गिरफ्तार, मनरेगा आयुक्त के हस्ताक्षर का कर रहे थे इस्तेमाल

रांची की सदर थाना पुलिस ने चार लोगों को गिरफ्तार किया है। ये चारों लोग यूपी सरकार के ग्रामीण विकास विभाग के खाते से 56.42 करोड़ की फर्जी निकासी कर रहे थे। इसके लिए ये शातिर बदमाश लखनऊ मनरेगा आयुक्त के हस्ताक्षर वाला एक फर्जी चेक का इस्तेमाल कर रहे थे।

दरअसल पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि कुछ शातिर बदमाश एक फर्जी चेक के जरीए बैंक से मोटी रकम निकालने का प्रयास कर रहे हैं। इसी सूचना के आधार पर पुलिस अलर्ट मूड़ पर थी। इस बीच पुलिस को जानकारी मिली कि चारों युवक चेक को कैश कराने के लिए मेडिका अस्पताल के बगल वाली गली में जमा हुए। जिसके बाद पुलिस ने छापेमारी कर चारों लोगों को एक साथ गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने उनके पास से 56.42 करोड़ का एक फर्जी चेक भी बरामद किया है।

मनरेगा आयुक्त ने कहा-कोई चेक नहीं जारी किया

पुलिस ने बताया कि हमने पहले ही लखनऊ मनरेगा आयुक्त के कार्यलय से इस बात का सत्यापन किया था कि क्या मनरेगा आयुक्त ने कोई चेक जारी किया, तब मनरेगा आयुक्त कार्यलय की ओर से बताया गया था कि मनरेगा आयुक्त ने कोई चेक जारी नहीं किया। इसके बाद ही हमारी टीम ने चारों युवकों को फर्ज चेक के साथ गिरफ्तार किया है।

पुलिस ने जो चेक बरामद किया वह एसबीआई बैंक है और ये चेक पीएसएमई कंस्ट्रक्शन एंड स्टाफिंग सर्विस प्राइवेट लिमिटेड के नाम से जारी किया गया है। पुलिस जांच में यह पता चला है कि भारतीय स्टेट बैंक का इस कंपनी के नाम से जारी किया गया चेक फर्जी है।

 ये चार लोग हुए गिरफ्तार

पुलिस ने इस मामले में जिन लोगों को गिरफ्तार किया है। उनमें हरमू स्थित इमली चौक निवासी मनीष कुमार, हरमू हाउसिंग कॉलोनी निवासी अजय सिंह उर्फ पप्पू, चुटिया निवासी विजय बर्मन और कोकर निवासी राजेश पासवान का नाम शामिल है। 

पूछताछ में बताया मास्टरमाइंड का नाम

पुलिस ने जब इनसे पूछताछ की तो इन्होंने तीन और नाम बताएं। इनमें इस पूरे कांड का मास्टरमाइंड दिल्ली का रहने वाला सतीश ठाकुर और कुणाल नामक युवक है। फिलहाल दोनों पुलिस गिरफ्त से बाहर है जिसकी तलाश में पुलिस छापेमारी कर रही है।

बताया जा रहा है कि कुणाल ने 22 अगस्त को दिल्ली से रांची आकर एयरपोर्ट पर पकड़े गए आरोपियों को चेक दिया था। साथ ही कंपनी में पैसा ट्रांसफर हो जाने के बाद कमीशन के रूप में इन चारों लोगों को कुल राशि का पांच प्रतिशत देने का वादा किया गया था। बहरहाल पुलिस ने चारों को जेल भेज दिया है। 

Jharkhand LIVE Staff

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