मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को ई-मेल भेजकर चौथी बार दी गई धमकी, गाली-गलौज भी की, केस दर्ज

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को ई-मेल भेजकर चौथी बार दी गई धमकी, गाली-गलौज भी की, केस दर्ज

झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को एक बार फिर धमकी दी गई। सेक्रेटरी टू सीएम के ई-मेल पर यह धमकी भरा मैसेज भेजा गया है। इस मामले में पुलिस ने केस दर्ज कर लिया और मामले की जांच में जुट गई। पुलिस ने जिस मेल से मुख्यमंत्री को धमकी दिया गया है, उसके आईपी एड्रेस का पता लगा लिया। मुख्यमंत्री को धमकी के साथ-साथ इस बार गाली गलौज भी किया गया है। इससे पहले भी तीन बार मुख्यमंत्री को ई-मेल के माध्यम से धमकी दी गई है।

इससे पहले भेजे गए तीन मेल का आईपी एड्रेस का तो पुलिस पता नहीं लगा सकी, लेकिन इस चौथे ई-मेल आईडी के आईपी एड्रेस का पता चल चुका है। चौथे ई-मेल का आईपी एड्रेस कर्नाटक का मिला है। आईपी एड्रेस के अनुसार आरोपित विक्रम गोधराई है। उसका पता ए क्रॉस बीईएमएल, ले आउट, राजा राजेश्वरी नगर बंगलुरू कर्नाटक मिला है। अब तक आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है। पुलिस पूरे मामले की छानबीन कर रही है

गोंदा थाना में केस दर्ज

रांची के गोंदा थाने में आरोपित के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। इसमें धारा 385 व 387 भादवी तथा आईटी एक्ट लगाया गया है। इस प्राथमिकी में आरोपित विक्रम गोधराई मुनेश्वर को प्राथमिकी अभियुक्त बनाया गया है। गोंदा थाने में पदस्थापित दारोगा दीपक कुमार इस केस के शिकायतकर्ता हैं।

दर्ज प्राथमिकी के अनुसार दारोगा दीपक कुमार को 28 मई 2021 को जांच के लिए एक सनहा मिला था। यह सनहा सेक्रेट्री टू सीएम को धमकी भरे ई-मेल से संबंधित था। धमकी भरा ई-मेल 25 मई को किया गया था। गोंदा पुलिस ने साइबर सेल से कराई जांच तो आरोपित का एड्रेस कर्नाटक का मिला।

गोंदा पुलिस ने उक्त ई-मेल की जांच, उसके आईपी एड्रेस, रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर की जांच कराई थी। साइबर सेल रांची ने जांच ई-मेल की जांच की तो यह पता चला कि ई-मेल भेजने वाला व्यक्ति विक्रम गोधराई मुनेश्वर है। जो कर्नाटक का रहने वाला है। इसके बाद इस मामले में प्राथमिकी दर्ज की गई।

पहले भी मिली चुकी है मुख्यमंत्री को धमकी

 मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को पूर्व में ई-मेल से तीन बार धमकी दी जा चुकी है। गत वर्ष आठ व 17 जुलाई और इस साल 5 जनवरी को मुख्यमंत्री को धमकी दी गई थी। तीनों ही ईमेल से संबंधित आईपी ऐड्रेस का अब तक पता नहीं चल सका है। तीनों आईपी ऐड्रेस का सर्वर जर्मनी और स्विट्जरलैंड में है। तीनों ही मामलों का अनुसंधान सीआइडी कर रही है। अब तक तीनों ई-मेल से संबंधित आईपी ऐड्रेस और अपराधियों का पता नहीं चल सका है।

Jharkhand LIVE Staff

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