झारखंड: आतंक का पर्याय बन चुके नक्सली संदीप को ग्रामीणों ने पीट पीटकर मार डाला

झारखंड: आतंक का पर्याय बन चुके नक्सली संदीप को ग्रामीणों ने पीट पीटकर मार डाला

पीएलएफआई के हार्डकोर नक्सली संदीप तिर्की के आंतक से परेशान ग्रामीणों ने सोमवार को उसकी पीट पीटकर हत्या कर दी है। पुलिस ने मृत अवस्था में संदीप तिर्की का शव खेत से बरामद किया है। साथ ही पूरे मामले की जांच कर रही है। घटना झारखंड के गुमला जिला के सदर थाना इलाके  की है।

बताया जा रहा है कि कुख्यात नक्सली संदीप तिर्की का इलाके में खौफ था। उसके नाम से लोग डरे सहमे रहते थे। इसी डर का फायदा उठाकर संदीप तिर्की ग्रामीणों के साथ मारपीट किया करता था। रविवार रात में भी उसने बरगांव के कुछ ग्रामीणों को मारने की धमकी दी।

आंतक के खिलाफ एक जुट हुए ग्रामीण

संदीप के इस आंतक से परेशान ग्रामीण सोमवार सुबह एकजुट हुए और उसे लड़ने का फैसला किया। इसी बीच ग्रामीणों को खबर मिली की संदीप तिर्की अपने गांव टैसेरा में है। इसके बाद गांव की महिलाएं पारपम्परिक हरवे हथियार एंव लाठी-डंडा लेकर टैसेरा गांव पहुंची और संदीप महिलाओं को आते देख भागने लगा, लेकिन महिलाओं ने कुछ दूरी पर उसे घेर लिया और जमकर पिटाई की। इस पिटाई में हार्डकोर नक्सली संदीप तिर्की (30 साल) की मौके पर ही मौत हो गई।

घटना की सूचना मिलने के बाद एसडीपीओ मनीष चंद्र लाल, थानेदार शंकर ठाकुर, एएसआई अमित कुमार समेत कई पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे और मामले की छानबीन की। इसके बाद शव को कब्जे में लेकर पोस्टपार्टम के लिए भेज दिया।

रंगदारी और हत्या समेत कई आपराधिक मामले थे दर्ज

पुलिस का कहना कि संदीप तिर्की  प्रतिबंधित नक्सली संगठन (PLFI) का सदस्य था। उसके खिलाफ हत्या, रंगदारी समेत कई केस दर्ज थे। हाल ही में वह जेल से जमानत पर बाहर आया था और फिर से करीब 20 गांवों में अपना आंतक फैला रहा था।

आपको बता दें कि साल 2011 में पीएलएफआई के ही उग्रवादियों ने संदीप तिर्की के परिवार के पांच सदस्यों की हत्या कर दी थी। इस घटना के कुछ दिन बाद ही उसके बड़े भाई की भी हत्या हो गई थी, लेकिन इधर से कुछ सालों से संदीप पीएलएफआई के करीब आ गया था और पीएलएफआई के एरिया कमांडर बसंत गोप के साथ रहकर काम करने लगा था। तीन माह पहले ग्रामीणों ने बसंत की भी वृंदा गांव में पीट-पीटकर हत्या कर दी थी। 

वहीं बसंत और संदीप तिर्की की हत्या होने से ग्रामीणों में खुशी है। उनका कहना का दोनों ने इलाके में आंतक मचा रखा था। इनके वजह से हम खौफ में जिंदगी जीने के लिए मजबूर थे।

Jharkhand LIVE Staff

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