झारखंड के देवघर से जुड़े पुराने सड़क जाम मामले में एमपी-एमएलए की विशेष अदालत ने अहम फैसला सुनाया है। विशेष न्यायाधीश सह एसडीजेएम मोहित चौधरी की अदालत में प्रदीप यादव समेत सभी आरोपी पेश हुए।
अदालत ने मामले की सुनवाई के बाद प्रदीप यादव को भारतीय दंड संहिता की धारा 225 के तहत दोषी ठहराते हुए एक साल की सजा सुनाई है। वहीं इस केस में शामिल अन्य आरोपियों, जिनमें रणधीर सिंह भी शामिल हैं, को साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया गया।
सजा सुनाए जाने के बाद प्रदीप यादव के अधिवक्ता ने अदालत में अंतरिम जमानत की अर्जी दाखिल की, जिसे कोर्ट ने स्वीकार कर लिया। न्यायालय ने उन्हें 10-10 हजार रुपये के दो मुचलकों पर एक महीने की प्रोविजनल जमानत दे दी। इस मामले में अभियोजन पक्ष की ओर से अब तक छह गवाह पेश किए गए थे।
यह मामला 15 सितंबर 2010 का है, जब देवघर में सूखा क्षेत्र घोषित करने की मांग को लेकर सड़क जाम किया गया था। उस समय प्रदीप यादव और रणधीर सिंह के नेतृत्व में प्रदर्शन हुआ था, जिससे आम लोगों को काफी परेशानी उठानी पड़ी थी।
इस घटना के बाद तत्कालीन दंडाधिकारी ने लोक संपत्ति नुकसान निवारण अधिनियम के तहत 12 नामजद और करीब 200 अज्ञात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई थी। लंबे समय बाद इस मामले में अदालत का फैसला सामने आया है।

