धनबाद में आयोजित पहले आमोत्सव में दुनिया के सबसे महंगे आमों में शुमार जापानी मियाजाकी आम लोगों के आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर बैंक मोड़ स्थित डीएमसी मॉल परिसर में आयोजित इस महोत्सव में मियाजाकी आम को देखने और उसके साथ तस्वीरें खिंचवाने के लिए बड़ी संख्या में लोग पहुंच रहे हैं।
जिला प्रशासन की ओर से आयोजित इस आमोत्सव का उद्देश्य स्थानीय किसानों और स्वयं सहायता समूहों को बेहतर बाजार उपलब्ध कराना है। महोत्सव में झारखंड के किसानों द्वारा उगाए गए विभिन्न किस्मों के आमों की प्रदर्शनी और बिक्री की जा रही है।
मियाजाकी आम की अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत 2.5 लाख से 3 लाख रुपये प्रति किलोग्राम तक बताई जाती है। जापान की इस दुर्लभ किस्म को ‘ताइयो नो तमागो’ यानी ‘सूरज का अंडा’ भी कहा जाता है। इसकी सबसे बड़ी विशेषता इसका गहरा लाल और बैंगनी रंग है, जो इसे सामान्य आमों से अलग बनाता है।
विशेषज्ञों के अनुसार, मियाजाकी आम सामान्य आमों की तुलना में अधिक मीठा और रसीला होता है। इसमें एंटीऑक्सीडेंट, फोलिक एसिड और बीटा-कैरोटीन जैसे पोषक तत्व प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं, जो स्वास्थ्य के लिए लाभकारी माने जाते हैं।
धनबाद और झारखंड के कुछ प्रगतिशील किसानों ने पिछले कुछ वर्षों में इस विदेशी किस्म की सफल खेती शुरू की है। महोत्सव में मियाजाकी के अलावा लंगड़ा, दशहरी, आम्रपाली, सिंदूरी, मालदा और भागलपुरी रानी समेत कई ऑर्गेनिक आमों की किस्में भी प्रदर्शित की गई हैं।

