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धनबाद से कोयंबटूर तक नई अमृत भारत एक्सप्रेस चलाने की तैयारी, जानिए पूरा रूट और अपडेट

अमृत भारत एक्सप्रेस dhanbad

धनबाद रेलवे मंडल को जल्द ही एक बड़ी सुविधा मिलने वाली है। गया-दीनदयाल उपाध्याय (डीडीयू) जंक्शन होकर धनबाद से कोयंबटूर के बीच अमृत भारत एक्सप्रेस शुरू करने की तैयारी अंतिम चरण में है। रेलवे के प्रस्ताव के अनुसार, धनबाद-कोयंबटूर स्पेशल ट्रेन की लगातार सफलता को देखते हुए इस महत्वाकांक्षी ट्रेन को इसी रूट पर उतारने की योजना बनाई गई है। माना जा रहा है कि इसकी शुरुआत जल्द ही हो सकती है, जिससे झारखंड, बिहार, उत्तर प्रदेश, मध्य भारत और दक्षिण भारत के बीच यात्रियों की आवाजाही और सुगम होगी।

क्यों अहम है यह नया रूट?

धनबाद से वर्तमान में दो ट्रेनें कोयंबटूर के लिए संचालित होती हैं – एक रांची होकर और दूसरी गया होकर चलती है। गया रूट वाली 03679-03680 धनबाद-कोयंबटूर स्पेशल ट्रेन लगातार बेहतर बुकिंग के साथ चल रही है, क्योंकि इसे अवधि विस्तार के दायरे में नहीं रखा गया है और दो माह की एडवांस बुकिंग नियमित ट्रेनों की तरह उपलब्ध होती है।
यह ट्रेन विशेष रूप से धनबाद से काटपाड़ी जाने वाले यात्रियों के लिए बेहद सुविधाजनक है। एलेप्पी एक्सप्रेस जहां रात डेढ़ बजे काटपाड़ी पहुंचाती है, वहीं यह स्पेशल ट्रेन दोपहर 12:30 बजे पहुंचाती है, जिससे यात्रियों को रातभर स्टेशन पर रुकने की परेशानी नहीं होती। अमृत भारत एक्सप्रेस शुरू होने के बाद यह सुविधा और बढ़ जाएगी। रेलवे इस ट्रेन के संचालन से पहले कोचिंग पिट को भी लाखों रुपये की लागत से अपग्रेड कर रहा है ताकि मेंटेनेंस क्षमता और बेहतर हो सके।

टिकट जांच अभियान में 840 बिना टिकट यात्री पकड़े

शनिवार को धनबाद रेल मंडल के विभिन्न स्टेशनों पर टिकट जांच अभियान चलाया गया। इसमें 840 बिना टिकट यात्री पकड़े गए, जिनसे कुल ₹5,60,600 का जुर्माना वसूला गया। रेलवे ने यात्रियों को उचित टिकट के साथ ही यात्रा करने की सलाह दी है।

धनबाद-भुवनेश्वर स्पेशल को नियमित करने का प्रस्ताव

धनबाद रेल मंडल ने मुख्यालय को एक और महत्वपूर्ण प्रस्ताव भेजा है – धनबाद से गरीब रथ एक्सप्रेस की जगह चल रही धनबाद-भुवनेश्वर स्पेशल को नियमित करने का। 24 अगस्त 2022 से स्पेशल कैटेगरी में चल रही यह ट्रेन लगातार 100% बुकिंग के साथ संचालित हो रही है। स्पेशल किराया होने के कारण यात्रियों पर अतिरिक्त बोझ पड़ता है। यदि ट्रेन नियमित हो जाती है, तो किराया कम होगा और यात्रियों को बार-बार विस्तार की प्रतीक्षा नहीं करनी पड़ेगी।

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