धनबाद में हथियार बरामदगी के दौरान पुलिस और आरोपी के बीच मुठभेड़ हो गयी. गोंदूडीह ओपी में दर्ज दो मामलों के आरोपी शंकर डे उर्फ पिंकू डे ने मंगलवार देर रात करीब 10:30 बजे टुंडी प्रखंड के मनियाडीह में पुलिस पर फायरिंग कर दी. पुलिस के अनुसार, आरोपी ने एक एएसआइ की पिस्टल छीनकर भागने की कोशिश की. इसके बाद पुलिस की जवाबी कार्रवाई में उसके दाहिने पैर में गोली लग गयी. घायल आरोपी को शहीद निर्मल महतो मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (एसएनएमएमसीएच), धनबाद में भर्ती कराया गया, जहां ऑपरेशन कर गोली निकाल दी गयी.

पुलिस का दावा है कि पूछताछ में शंकर डे ने राम प्रताप प्रसाद की हत्या में अपनी संलिप्तता स्वीकार की है. पुलिस के मुताबिक, आरोपी ने पैसे के बंटवारे को लेकर हुए विवाद को हत्या की वजह बताया है. फिलहाल पुलिस हत्या, लूट और हथियार बरामदगी से जुड़े मामलों की जांच कर रही है.

पैसे के बंटवारे के विवाद में हत्या की बात कही

पुलिस के अनुसार, शंकर डे ने पूछताछ में बताया कि उसने राम प्रताप प्रसाद के साथ मिलकर बस्ताकोला निवासी आटा मिलकर्मी उमेश यादव से छह हजार रुपये लूटे थे. आरोपी ने उमेश यादव की हत्या की घटना में भी शामिल होने की बात कही है. पुलिस के दावे के मुताबिक, बाद में लूट के पैसे के बंटवारे को लेकर शंकर डे और राम प्रताप के बीच विवाद हो गया. इसके बाद शंकर ने राम प्रताप की गोली मारकर हत्या कर दी और शव को मनियाडीह इलाके में फेंक दिया. आरोपी ने पुलिस को हथियार छिपाने की जगह की जानकारी भी दी थी.

तीन माह पहले लापता हुए थे राम प्रताप

जानकारी के अनुसार, करीब तीन माह पहले गोंदूडीह ओपी क्षेत्र के नौ नंबर खरीकाबाद निवासी मीना देवी ने अपने पति राम प्रताप प्रसाद के लापता होने की लिखित शिकायत पुलिस से की थी. बताया जाता है कि राम प्रताप अपनी पत्नी को वर्द्धमान में मामा के घर जाने की बात कहकर निकले थे, लेकिन वापस नहीं लौटे. मामले की जांच के दौरान सुभाष पल्ली, दुर्गापुर निवासी शंकर डे का नाम सामने आया. इसके बाद पुलिस उसकी तलाश में जुटी थी.

इसी क्रम में मंगलवार देर शाम मैथन पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर शंकर डे को गिरफ्तार किया और गोंदूडीह पुलिस को सौंप दिया. पूछताछ के दौरान उसने राम प्रताप की हत्या और हथियार छिपाने से जुड़ी जानकारी दी.

हथियार बरामद करने गयी थी पुलिस टीम

पुलिस के मुताबिक, शंकर डे की निशानदेही पर टीम उसे हथियार बरामद करने के लिए मनियाडीह ले गयी थी. इसी दौरान आरोपी ने एक एएसआइ की पिस्टल छीन ली और फायरिंग करते हुए भागने का प्रयास किया. पुलिस ने जवाबी कार्रवाई की, जिसमें उसके दाहिने पैर में गोली लगी. घटना में मनियाडीह थाना प्रभारी अकबर खान, गोंदूडीह ओपी प्रभारी लव कुमार चौधरी और उनकी टीम शामिल थी.

बिहारी लाल चौधरी हत्याकांड में भी सामने आया था नाम

पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, शंकर डे का नाम चर्चित बिहारी लाल चौधरी हत्याकांड में भी सामने आया था. इसके अलावा उसके कृष्णाकांत सिंह गैंग से जुड़े होने की बात भी सामने आयी है. गोंदूडीह ओपी में दर्ज कांड संख्या 74/26 और 56/26 में उसकी भूमिका की जांच की जा रही है. पुलिस आरोपी के बयान के आधार पर सभी तथ्यों का सत्यापन कर रही है.