रांची : रांची के धुर्वा इलाके में अपहृत बच्चों के घर पहुंचकर जनप्रतिनिधि अन्नपूर्णा देवी ने पीड़ित परिजनों से मुलाकात की और पूरे मामले की जानकारी ली। 11 दिनों से लापता मासूम भाई-बहन अंश और अंशिका का अब तक कोई ठोस सुराग नहीं मिलना जो कि राज्य की कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
जनप्रतिनिधि अन्नपूर्णा देवी ने झारखंड की डीजीपी तदाशा मिश्रा से दूरभाष पर बातचीत कि तथा बच्चों को जल्द से जल्द सुरक्षित खोजने और इस मामले पर कार्रवाई करने का आग्रह किया। साथ ही वहां मौजूद बच्चों की मां तथा परिवार के अन्य सदस्यों की सीधे डीजीपी से बात भी करवाई।
जनप्रतिनिधि ने स्थानीय पुलिस की भूमिका पर असंतोष जताते हुए कहा कि यदि घटना के पहले 24 घंटों में आवश्यक तत्परता दिखाई गई होती, तो हालात इतने गंभीर नहीं होते। उन्होंने स्पष्ट किया कि लापरवाही किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है और इसके लिए जिम्मेदारी तय होनी चाहिए।
उन्होंने यह भी कहा कि यह बेहद चिंताजनक और भयभीत करने वाली बात है कि जिस स्थान पर यह घटना हुई, वहां से कुछ ही दूरी पर राज्य का पुलिस मुख्यालय और राज्य सरकार के वरिष्ठ पदाधिकारी व मंत्री भी निकटवर्ती क्षेत्र में कार्यरत हैं। इसके बावजूद इस तरह की गंभीर घटना का सामने आना और अब तक कोई ठोस जानकारी न मिलना, प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है। जनप्रतिनिधि ने भरोसा दिलाया कि वे पीड़ित परिवार के साथ मजबूती से खड़ी हैं और बच्चों की सकुशल बरामदगी तथा परिवार को न्याय दिलाने तक हरसंभव प्रयास करेगी।

