रांची। झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी के खिलाफ कथित रूप से आपत्तिजनक और अमर्यादित टिप्पणी किए जाने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। युवा कांग्रेस झारखंड के प्रदेश महासचिव आरिफ रज़ा ने इस संबंध में इटकी थाना में शिकायत दर्ज कराते हुए श्रीमती निशा भगत के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कराई है। यह एफआईआर 25 दिसंबर 2025 को दर्ज कराई गई।
शिकायत में आरोप लगाया गया है कि 24 दिसंबर 2025 को एक निजी चैनल के माध्यम से निशा भगत ने माननीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी के खिलाफ आपत्तिजनक, अपमानजनक और अमर्यादित भाषा का प्रयोग किया। इस बयान से न केवल मंत्री की सार्वजनिक छवि को नुकसान पहुंचा है, बल्कि उनके समर्थकों और शुभचिंतकों को भी मानसिक पीड़ा और सामाजिक अपमान का सामना करना पड़ा है।
आईपीसी की धारा 504 और 506 के तहत कार्रवाई की मांग
इटकी थाना प्रभारी को दिए गए आवेदन में आरिफ रज़ा ने कहा है कि निशा भगत का यह कृत्य भारतीय दंड संहिता की धारा 504 (जानबूझकर अपमान करना) और धारा 506 (आपराधिक धमकी) के अंतर्गत दंडनीय अपराध की श्रेणी में आता है। उन्होंने पुलिस से आग्रह किया है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए संबंधित धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाए।
आरिफ रज़ा ने अपने आवेदन में यह भी उल्लेख किया है कि इससे पहले भी निशा भगत द्वारा झारखंड के मुख्यमंत्री श्री हेमंत सोरेन और पूर्व मंत्री श्री बंधु तिर्की के खिलाफ सार्वजनिक मंचों पर अमर्यादित और आपत्तिजनक भाषा का प्रयोग किया जा चुका है। उनका कहना है कि इस तरह की लगातार बयानबाजी निशा भगत की गैर-जिम्मेदाराना और असामाजिक प्रवृत्ति को दर्शाती है।
जांच में सहयोग का आश्वासन, राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज
युवा कांग्रेस नेता ने पुलिस को यह भी आश्वासन दिया है कि वह जांच प्रक्रिया में पूरा सहयोग करेंगे और आवश्यकता पड़ने पर सभी साक्ष्य एवं जानकारी उपलब्ध कराएंगे। उन्होंने एफआईआर दर्ज होने के बाद उसकी प्रति उपलब्ध कराने का भी अनुरोध किया है।
इस मामले के सामने आने के बाद झारखंड की राजनीति में एक बार फिर बयानबाजी और मर्यादा के सवाल पर बहस तेज हो गई है। कांग्रेस और युवा कांग्रेस से जुड़े नेताओं का कहना है कि जनप्रतिनिधियों के खिलाफ सार्वजनिक मंचों पर की जाने वाली इस तरह की टिप्पणी लोकतांत्रिक मर्यादाओं के खिलाफ है और इसे किसी भी सूरत में स्वीकार नहीं किया जा सकता।
वहीं पुलिस सूत्रों के अनुसार शिकायत के आधार पर प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है और मामले की जांच की जा रही है। जांच के दौरान वीडियो फुटेज, चैनल प्रसारण और अन्य साक्ष्यों को खंगाला जाएगा। पुलिस का कहना है कि तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
इस पूरे घटनाक्रम को झारखंड की सियासत में बढ़ते राजनीतिक टकराव के रूप में देखा जा रहा है, जहां सार्वजनिक बयानों की भाषा और उसकी सीमा पर सवाल खड़े हो रहे हैं।

