झारखंड कांग्रेस में आंतरिक असंतोष बढ़ता दिख रहा है. पार्टी के पांच विधायकों ने रविवार से दिल्ली में कैंप लगाकर आलाकमान के सामने अपनी नाराजगी जाहिर की और अब रांची लौट आए हैं. इन विधायकों ने स्पष्ट किया कि वे अपनी व्यक्तिगत नाराजगी नहीं, बल्कि पार्टी कार्यकर्ताओं की भावनाओं को उच्च नेतृत्व तक पहुंचाने गए थे.
बिरसा मुंडा एयरपोर्ट पर मीडिया से बातचीत में विधायक दल के उपनेता राजेश कच्छप (खिजरी) ने कहा, “राज्य की सरकार में कांग्रेस अहम सहयोगी है. ऐसे में बहुत जरूरी है कि जिन्हें सरकार और संगठन में अवसर मिला है, वे विधायकों और कार्यकर्ताओं को साथ लेकर चलें. अगर हम सत्ता में हैं तो शासन करने के तरीके में बदलाव दिखना चाहिए. अगर 2029 के लोकसभा चुनाव में जीत हासिल कर राहुल गांधी प्रधानमंत्री बनते हैं और शासन मोदी जी जैसा ही चले, तो जनता को क्या फायदा?”
कार्यकर्ताओं की नाराजगी से अवगत कराने गए थे दिल्ली
दिल्ली से लौटे पांचों विधायकों राजेश कच्छप, सुरेश बैठा (कांके), नमन विक्सल कोंगाड़ी (कोलेबिरा), सोनेराम सिंकू (जगन्नाथपुर) और भूषण बाड़ा (सिमडेगा) ने कहा कि राज्य में कांग्रेस कोटे के चार मंत्रियों की कार्यशैली से कार्यकर्ता नाराज हैं. इसी नाराजगी को आलाकमान तक पहुंचाने के लिए वे सामूहिक रूप से दिल्ली गए थे. राजेश कच्छप ने बताया कि उन्होंने पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, महासचिव (संगठन) केसी वेणुगोपाल और के राजू से मुलाकात की. उन्होंने कहा, “बार-बार ऐसी स्थिति उत्पन्न हो रही है. इससे पहले भी तीन बार हमने राज्य की स्थिति से अवगत कराया है.”
बोर्ड, निगम और आयोगों के खाली पद भरने की मांग
राजेश कच्छप ने बताया कि दोबारा चुनाव जीतकर सत्ता में आए हुए एक साल बीत चुका है, लेकिन बोर्ड, निगम और आयोगों में कई पद अभी भी खाली हैं. उन्होंने इन पदों को जल्द भरने की मांग की.
सभी कांग्रेस विधायक योग्य, फेरबदल संभव
कांग्रेस विधायकों ने जोर देकर कहा कि पार्टी के सभी विधायक योग्य हैं और आलाकमान ने रोटेशन या बदलाव के संकेत दिए हैं. सुरेश बैठा ने कहा, “कांग्रेस के पास कई और विधायक हैं जो मंत्री बन सकते हैं. सिर्फ ये चार लोग ही योग्य नहीं हैं. अगर जरूरत पड़ी तो मंत्रिमंडल में फेरबदल भी किया जा सकता है.” उन्होंने कांग्रेस कोटे के चारों मंत्रियों की कार्यशैली से आलाकमान को अवगत कराया और कहा कि उन्हें जनता, कार्यकर्ताओं और विधायकों की भावनाओं का भी ख्याल रखना होगा.
नमन विक्सल कोंगाड़ी ने कहा, “हमारे संगठन को धारदार बनाने और सरकार को जनता के प्रति जवाबदेह बनाने के लिए हम पांच विधायकों का समूह दिल्ली गया था.”
झारखंड में महागठबंधन सरकार में कांग्रेस के चार मंत्री हैं, लेकिन इन विधायकों की शिकायतों से पार्टी के अंदर तनाव की स्थिति साफ नजर आ रही है. आलाकमान अब इस मामले पर क्या फैसला लेता है, इसे लेकर सभी की नजरें टिकी हैं.

