गिरिडीह। साइबर अपराध के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत गिरिडीह पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने फर्जी कस्टमर केयर बनकर लोगों से ठगी करने वाले एक संगठित साइबर गिरोह का पर्दाफाश करते हुए तीन शातिर अपराधियों को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक डॉ. बिमल कुमार के निर्देश पर गुप्त सूचना के आधार पर की गई।

साइबर थाना गिरिडीह की टीम ने गांडेय थाना क्षेत्र के कछेल गांव स्थित तेलखरी जंगल के पास छापेमारी कर तीनों आरोपियों को मौके से दबोचा। इस संबंध में साइबर थाना गिरिडीह में कांड संख्या 43/25 के तहत मामला दर्ज किया गया है और आगे की जांच जारी है।

कौन हैं आरोपी और क्या बरामद हुआ

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान खुर्शीद अंसारी (25) निवासी धरलेट्टो, थाना गांडेय, जिला गिरिडीह; आलमगीर अंसारी (25) निवासी चेतनारी, थाना पथरोल, जिला देवघर; और मो. सराफत अंसारी (25) निवासी पिंडरी, थाना सारठ, जिला देवघर के रूप में हुई है।

छापेमारी के दौरान पुलिस ने आरोपियों के पास से

  • 8 मोबाइल फोन

  • 10 सिम कार्ड

  • 2 मोटरसाइकिल

  • 2 एटीएम कार्ड

  • 1 आधार कार्ड

  • 1 पैन कार्ड

  • 1 ड्राइविंग लाइसेंस
    बरामद किए हैं। पुलिस के अनुसार, ये सभी सामान साइबर ठगी में इस्तेमाल किए जा रहे थे।

इस तरह करते थे ठगी

पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने खुलासा किया कि वे गूगल साइट और अन्य ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर फर्जी मोबाइल नंबर अपलोड करते थे। इन नंबरों को फोनपे, पेटीएम, डेबिट कार्ड कस्टमर केयर, सैमसंग सर्विस, एसी सर्विस और गीजर इंस्टॉलेशन सर्विस जैसे नामों से प्रचारित किया जाता था।

जैसे ही कोई व्यक्ति इन नंबरों पर कॉल करता, आरोपी खुद को संबंधित कंपनी या बैंक का अधिकारी बताकर तकनीकी समस्या का बहाना बनाते और पीड़ित से गोपनीय जानकारी हासिल कर लेते थे। इसके बाद वे ठगी को अंजाम देते थे।

इसके अलावा आरोपी एचडीएफसी समेत अन्य बैंकों के अधिकारी बनकर पासबुक अपडेट कराने, एटीएम कार्ड भेजने या बदलने के नाम पर भी लोगों को कॉल करते थे। वे फर्जी .apk फाइल के लिंक भेजकर पीड़ितों के मोबाइल को अपने नियंत्रण में ले लेते थे, जिससे बैंक खातों से रकम निकाल ली जाती थी।

जांच जारी, और खुलासों की उम्मीद

पुलिस का कहना है कि आरोपियों से पूछताछ जारी है और गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश की जा रही है। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि ठगी से अर्जित रकम किन खातों में ट्रांसफर की गई और इसका नेटवर्क कितना बड़ा है। पुलिस ने आम लोगों से सतर्क रहने और किसी भी संदिग्ध कॉल या लिंक से बचने की अपील की है।