झारखंड के गोड्डा से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां बिजली विभाग के ही कर्मियों पर तार चोरी करने का आरोप लगा है। यह पूरी घटना सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है, जिससे विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठने लगे हैं।
जानकारी के अनुसार, 1 मई को आई आंधी के कारण एक उपभोक्ता का बिजली तार टूट गया था, जिसे स्थानीय लोगों ने अस्थायी रूप से पोल पर बांध दिया था। लेकिन 3 मई की रात करीब 10 बजे बाइक सवार तीन लोग मौके पर पहुंचे। इनमें एक की पहचान बबलू मिस्त्री के रूप में हुई है। CCTV फुटेज में दिख रहा है कि तीनों ने पहले आसपास सन्नाटा होने का इंतजार किया और फिर मौका मिलते ही तार काटकर अपने साथ ले गए।
अगले दिन जब उपभोक्ता को तार गायब मिला तो मामले की जांच शुरू हुई। स्थानीय लोगों ने सीसीटीवी फुटेज के जरिए आरोपियों की पहचान की। जब मीडिया ने इस बारे में बबलू मिस्त्री से सवाल किया तो उसने सुरक्षा का हवाला देते हुए तार हटाने की बात कही, लेकिन उसका जवाब स्पष्ट नहीं था।
वहीं, बिजली विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने इस दावे को खारिज करते हुए कहा कि विभाग में ऐसा कोई नियम नहीं है कि बिना सूचना के उपभोक्ता का तार काट लिया जाए। उनका कहना है कि यदि तार टूटता है तो उसे ठीक कर बिजली बहाल की जाती है, न कि उसे हटाया जाता है।
इस घटना के बाद स्थानीय लोगों में आक्रोश है। लगातार हो रही तार चोरी के बीच विभाग के कर्मचारियों पर ही आरोप लगना एक बड़े नेटवर्क की आशंका को जन्म देता है। अब लोगों की नजर इस बात पर है कि प्रशासन इस मामले में क्या कार्रवाई करता है।

