झारखंड के संताल परगना क्षेत्र में इस बार मानसून कमजोर पड़ने से किसानों की चिंता बढ़ गई है। ‘सुपर अलनीनो’ के प्रभाव के कारण गोड्डा जिले में सामान्य से 79 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है। इसके साथ ही गोड्डा राज्य का चौथा सबसे कम वर्षा वाला जिला बन गया है।
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, प्रशांत महासागर में समुद्र की सतह का तापमान सामान्य से अधिक होने के कारण ‘सुपर अलनीनो’ की स्थिति बनी है, जिसका असर झारखंड के मानसून पर साफ दिखाई दे रहा है। संताल परगना के पांच जिलों में वर्षा की भारी कमी से सूखे जैसी स्थिति बनने लगी है।
बारिश की कमी का सबसे ज्यादा असर धान की खेती पर पड़ा है। क्षेत्र के अधिकांश खेतों में धान के बिचड़े तैयार हैं, लेकिन पर्याप्त पानी नहीं मिलने के कारण रोपाई का कार्य प्रभावित हो गया है। यदि जल्द अच्छी बारिश नहीं हुई तो किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है।
कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि कम बारिश से मिट्टी की नमी तेजी से घटेगी, जिससे आने वाले रबी सीजन की फसलों पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।
इस स्थिति को देखते हुए कृषि वैज्ञानिकों ने किसानों को ऊपरी भूमि पर धान की जगह कम पानी वाली फसलें, जैसे मकई, मोटे अनाज और कम अवधि वाली फसलों की खेती करने की सलाह दी है। साथ ही उपलब्ध जल का संतुलित उपयोग कर खेतों की नमी बनाए रखने पर भी जोर दिया गया है।

