झारखंड के गुमला जिले में सुरक्षा बलों को प्रतिबंधित उग्रवादी संगठन झारखंड जन मुक्ति परिषद (JJMP) के खिलाफ बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने विशेष अभियान चलाकर संगठन के 5 लाख रुपये के इनामी सब-जोनल कमांडर रामदेव लोहरा उर्फ काका समेत चार उग्रवादियों को गिरफ्तार किया है। कार्रवाई के दौरान सुरक्षा बलों ने कई हथियार, कारतूस और अन्य सामान बरामद किए हैं।
डुमरी क्षेत्र में घेराबंदी कर गिरफ्तारी
पुलिस के अनुसार, डुमरी थाना क्षेत्र के अकासी और जयरागी गांव के आसपास सोमवार देर रात विशेष अभियान चलाया गया। इसी दौरान सुरक्षा बलों ने संदिग्ध गतिविधियों के आधार पर घेराबंदी कर चारों उग्रवादियों को गिरफ्तार किया।
गिरफ्तार आरोपियों में रामदेव लोहरा, अरविंद नायक, मुनेश्वर सिंह और जितेंद्र लोहरा शामिल हैं। रामदेव लोहरा लातेहार का रहने वाला बताया गया है और उस पर झारखंड सरकार ने 5 लाख रुपये का इनाम घोषित कर रखा था।
AK-56, SLR समेत हथियार बरामद
पुलिस ने गिरफ्तार उग्रवादियों के पास से हथियारों का बड़ा जखीरा बरामद किया है। इसमें AK-56 राइफल, SLR, सेमी-ऑटोमेटिक राइफल, 7.65 एमएम पिस्टल और देसी कट्टा शामिल हैं। इसके अलावा बड़ी संख्या में जिंदा कारतूस भी बरामद किए गए हैं।
पुलिस के मुताबिक, मौके से वॉकी-टॉकी, मोबाइल फोन, वाई-फाई डोंगल, मोटरसाइकिल और JJMP से संबंधित पर्चे भी मिले हैं।
लंबे समय से संगठन में सक्रिय था रामदेव लोहरा
जांच के अनुसार, रामदेव लोहरा वर्ष 2009-10 से JJMP में सक्रिय बताया जाता है। पुलिस का आरोप है कि वह लातेहार, गुमला और पलामू के इलाकों में संगठन के लिए लेवी वसूली, विकास कार्यों में बाधा और सुरक्षा बलों से जुड़ी हिंसक गतिविधियों में शामिल रहा है।
उसकी गिरफ्तारी को पुलिस ने इलाके में सक्रिय JJMP नेटवर्क के लिए बड़ा झटका माना है। गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर पुलिस संगठन के अन्य सदस्यों, ठिकानों और सहयोगियों के बारे में जानकारी जुटा रही है।
आगे की जांच जारी
पुलिस अब बरामद हथियारों और अन्य सामानों की जांच के साथ गिरफ्तार उग्रवादियों के पुराने आपराधिक रिकॉर्ड को भी खंगाल रही है। अधिकारियों को पूछताछ के दौरान संगठन की गतिविधियों और नेटवर्क से जुड़े अहम सुराग मिलने की उम्मीद है।

