झारखंड के गुमला जिले में मानसून के सक्रिय होते ही सर्पदंश की घटनाओं में तेजी देखी जा रही है। हाल ही में जिले के अलग-अलग क्षेत्रों में एक ही दिन के भीतर आठ लोगों को सांप ने काट लिया। बारिश के कारण सांपों के बिलों में पानी भरने से वे सुरक्षित स्थानों की तलाश में रिहायशी इलाकों की ओर निकल रहे हैं, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में खतरा बढ़ गया है।
स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से सतर्क रहने और सर्पदंश की स्थिति में झाड़-फूंक के बजाय तुरंत अस्पताल पहुंचने की अपील की है।
सांप काटने पर तुरंत क्या करें?
मरीज को बिना देरी किए नजदीकी अस्पताल या स्वास्थ्य केंद्र ले जाएं।
मरीज को शांत रखें और घबराने न दें।
जिस अंग पर सांप ने काटा है उसे स्थिर रखें और कम से कम हिलाएं।
सूजन बढ़ने से पहले अंगूठी, चूड़ी, घड़ी या अन्य तंग वस्तुएं हटा दें।
क्या बिल्कुल नहीं करना चाहिए?
झाड़-फूंक या तांत्रिक के चक्कर में समय बर्बाद न करें।
घाव पर चीरा न लगाएं और मुंह से जहर चूसने की कोशिश न करें।
प्रभावित अंग पर रस्सी या कपड़ा कसकर न बांधें।
डॉक्टर की सलाह के बिना कोई दवा, जड़ी-बूटी या शराब न दें।
मानसून में ऐसे करें बचाव
घर के आसपास झाड़ियां, घास और कचरे की नियमित सफाई करें।
रात में बाहर निकलते समय टॉर्च का इस्तेमाल करें।
बरसात के मौसम में जमीन पर सोने से बचें।
खेत या झाड़ियों वाले इलाकों में जाते समय जूते और फुल पैंट पहनें।
मुख्य बातें
गुमला में एक दिन में 8 लोग सर्पदंश का शिकार।
बारिश के कारण रिहायशी इलाकों में बढ़ी सांपों की आवाजाही।
सर्पदंश की स्थिति में तुरंत अस्पताल पहुंचना सबसे जरूरी।
झाड़-फूंक के बजाय वैज्ञानिक उपचार अपनाने की सलाह।

