झारखंड में JPSC और JSSC भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर जारी छात्र आंदोलन के बीच मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने रविवार, 9 अगस्त 2026 को युवाओं को भरोसा दिलाया कि उन्हें हर हाल में न्याय मिलेगा। झारखंड आदिवासी महोत्सव के मंच से मुख्यमंत्री ने कहा कि परीक्षा प्रक्रिया में जहां भी गड़बड़ी हुई है, सरकार ने उसे पकड़ लिया है और जांच एजेंसियां मामले में कार्रवाई कर रही हैं।
मुख्यमंत्री ने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा, “मैं भी कोई बूढ़ा नहीं हूं, आपकी उम्र का ही हूं और हमने चोरी पकड़ ली है।” उन्होंने कहा कि युवाओं को घबराने की जरूरत नहीं है। परीक्षा में गड़बड़ी करने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।
‘छात्रों को राजनीतिक बैसाखी की जरूरत नहीं’
मुख्यमंत्री ने आंदोलन कर रहे छात्रों से कहा कि वे अपनी मांगों को लेकर स्वयं आवाज उठा रहे हैं और उन्हें किसी राजनीतिक बैसाखी या छत्रछाया की जरूरत नहीं है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि जांच पूरी होने के बाद संवैधानिक नियमों और पूरी पारदर्शिता के साथ युवाओं के साथ न्याय किया जाएगा।
JPSC-JSSC परीक्षा विवाद को लेकर जारी है आंदोलन
JPSC और JSSC परीक्षाओं में कथित पेपर लीक और अनियमितताओं की जांच की मांग को लेकर रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में छात्रों का आंदोलन जारी है। छात्र परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता और दोषियों पर कार्रवाई के साथ स्वतंत्र जांच की मांग कर रहे हैं।
आंदोलन के बीच छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो समेत कई छात्र लगातार विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। सरकार और छात्रों के प्रतिनिधिमंडल के बीच बातचीत के कई दौर भी हो चुके हैं। छात्रों की ओर से अपनी मांगों को लेकर आंदोलन जारी रखने की बात कही गई है।
परीक्षाएं रद्द करने पर भी चर्चा
छात्रों के लगातार विरोध के बीच 14वीं JPSC प्रारंभिक परीक्षा समेत कुछ अन्य प्रक्रियाधीन परीक्षाओं को लेकर सरकार के स्तर पर बड़े फैसले की अटकलें भी तेज हैं। हालांकि, परीक्षा रद्द करने को लेकर अंतिम आधिकारिक निर्णय की पुष्टि का इंतजार है।
मुख्यमंत्री के ताजा बयान के बाद अब छात्रों की नजर सरकार की अगली कार्रवाई और वार्ता के नतीजों पर⋅ टिकी है।