झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने राज्य के पूर्व मंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मन्नान मल्लिक के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है। मंगलवार को मुख्यमंत्री अपनी पत्नी और गांडेय विधायक कल्पना सोरेन के साथ झारखंड विधानसभा परिसर पहुंचे, जहां उन्होंने दिवंगत नेता के पार्थिव शरीर पर पुष्पचक्र अर्पित कर श्रद्धांजलि दी।
इस दौरान मुख्यमंत्री ने शोकाकुल परिजनों से मुलाकात कर उन्हें सांत्वना दी और इस दुख की घड़ी में धैर्य बनाए रखने का आग्रह किया।
विधानसभा परिसर में रखा गया था पार्थिव शरीर
मन्नान मल्लिक के पार्थिव शरीर को अंतिम दर्शन के लिए झारखंड विधानसभा परिसर में रखा गया था। यहां विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं, जनप्रतिनिधियों और बड़ी संख्या में लोगों ने पहुंचकर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि मन्नान मल्लिक का निधन राज्य की राजनीति और सार्वजनिक जीवन के लिए अपूरणीय क्षति है। उन्होंने ईश्वर से दिवंगत आत्मा की शांति और शोक संतप्त परिवार को इस कठिन समय में संबल प्रदान करने की प्रार्थना की।
लंबे समय तक राजनीति और जनसेवा से जुड़े रहे
मन्नान मल्लिक झारखंड सरकार में पशुपालन मंत्री रह चुके थे। वे कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं में शामिल थे और वर्ष 2009 में धनबाद विधानसभा क्षेत्र से विधायक निर्वाचित हुए थे। उन्होंने लंबे समय तक कोयलांचल क्षेत्र के श्रमिकों और आम जनता की समस्याओं को प्रमुखता से उठाया।
राजनीति के अलावा वे राष्ट्रीय कोलियरी मजदूर संघ (RCMS) के कार्यकारी अध्यक्ष के रूप में भी सक्रिय रहे और मजदूर हितों के लिए लगातार आवाज उठाते रहे।
83 वर्ष की आयु में हुआ निधन
83 वर्षीय मन्नान मल्लिक का रांची के एक निजी अस्पताल में इलाज के दौरान निधन हो गया। बताया गया कि वे पिछले कुछ समय से फेफड़ों के संक्रमण से पीड़ित थे और अस्पताल में भर्ती थे।
उनके निधन पर प्रदेश के विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं और सामाजिक संगठनों ने भी गहरा शोक व्यक्त करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।

